{"_id":"64804c9e901913c22c05a7b4","slug":"notice-issues-to-66-nursing-colleges-for-taking-admission-against-law-2023-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: नियम विरुद्ध दाखिला लेने वाले 66 नर्सिंग कॉलेजों को नोटिस, छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: नियम विरुद्ध दाखिला लेने वाले 66 नर्सिंग कॉलेजों को नोटिस, छात्रों को परीक्षा देने की अनुमति नहीं
Wed, 07 Jun 2023 02:53 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 07 Jun 2023 02:53 PM IST
सार
यूपी में नियम विरुद्ध दाखिला लेने वाले नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। इन कॉलेजों में दाखिला लेने वाले 229 छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिली।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में नियमों की अनदेखी कर बीएससी नर्सिंग में दाखिला लेने वाले 66 कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। इन कॉलेजों में दाखिला लेने वाले 229 छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई है।
विज्ञापन
प्रदेश में 24 जुलाई 2022 को हुई कॉमन नर्सिंग इंट्रेंस टेस्ट में 26,708 छात्रों ने हिस्सा लिया। काउंसिलिंग के जरिए 24 राजकीय नर्सिंग कालेजों में 1310 सीटों पर दाखिला दिया गया। इसी तरह 250 निजी नर्सिंग कालेजों की 10,170 सीटों में करीब 350 सीटें खाली रह गईं। खाली सीटों को भरने के लिए निजी कॉलेजों ने उन छात्रों को दाखिला दे दिया, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा दी ही नहीं। अमर उजाला ने एक जून के अंक में प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों के दाखिले में फर्जीवाड़ा शीर्षक से खबर प्रकाशित कर पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद जांच शुरू हुई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेंगे होटल: मेहमानों का ब्योरा ऑनलाइन रखना होगा जरूरी, राज्य सरकार बनाएगी पोर्टल
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - योगी के मंत्री बोले, अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 से शुरू हो जाएगी पूजा
जांच के दौरान पता चला कि विभागीय गलती की वजह से 231 छात्रों का डाटा अपडेट नहीं किया गया। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई) ने इन छात्रों को परीक्षा में बैठने की सिफारिश की। डाटा अपडेट होने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यलाय ने इन छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। इस दौरान यह भी पता चला कि 66 कॉलेजों ने 229 ऐसे छात्रों काे दाखिला दे दिया है, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा ही नहीं दी है। ऐसे में इन छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई है। सभी 66 कॉलेजों को नोटिस जारी करके पूछा गया कि उन्होंने नियमों की अनदेखी करके दाखिला क्यों लिया?
जवाब मिलने के बाद महानिदेशालय से उत्तर प्रदेश स्टेट मेडिकल काउंसिल को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। डीजीएमई किंजल सिंह ने बताया कि गलत तरीके से दाखिला लेने वाले कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।