फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   notice issued to dr. ayub of peace party

पीस पार्टी में अशांति, बुरे फंसे डॉ. अयूब!

Sun, 10 Nov 2013 01:24 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ Updated Sun, 10 Nov 2013 01:24 AM IST
विज्ञापन
notice issued to dr. ayub of peace party

बैंक का 10.86 करोड़ रुपये लोन चुकता न करने पर पीस पार्टी के संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब के खिलाफ नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन


आईडीबीआई बैंक ने शनिवार को समाचार पत्रों में बाकायदा डॉ. अयूब की फोटो के साथ नोटिस का प्रकाशन कराकर उनकी तथा उनके जमानतदारों की संपत्तियों को सीज करते हुए इनकी खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दिया है।

संतकबीरनगर से विधायक डॉ. अयूब की ओर से नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए संपत्ति से संबंधित हलफनामे में इस कर्ज का उल्लेख न किए जाने पर उनकेऊपर चुनाव आयोग की कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।
विज्ञापन


पूर्वी उत्तर प्रदेश के जाने-माने चिकित्सक डॉ. अयूब ने अमन मेडिकल प्रोडक्ट प्रा. लि. के लिए जोहरा हास्पिटल काम्पेक्स बड़हलगंज, गोरखपुर के पते पर 8.85 करोड़ रुपये का लोन लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस लोन के लिए डॉ. अयूब की पत्नी शमीमुल फातिमा तथा जोहरा हास्पिटल के दो भागीदारों ने बैंक में गारंटी दी थी। ब्याज व अन्य खर्चों को मिलाकर 31 अक्तूबर 13 तक लोन की कुल राशि 10,86,51,000 रुपये से ज्यादा हो गई है।

लोन की अदायगी न होने पर बैंक ने डॉ. अयूब के साथ ही इन तीनों को भी डिफाल्टर माना है। इस लोन के लिए अमन मेडिकल प्रोडक्ट्स लिमिटेड की संपत्ति प्लाट नं.336/भीमपुर दमन गिरवी रखी गई।

आईडीबीआई बैंक ने इस संपत्ति के साथ-साथ डॉ. अयूब व उनके  जमानतदारों पर बकाये की भारी रकम को देखते हुए इनकी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए लोगों को आगाह किया है।

जीती थीं चार विधानसभा सीटें

गौरतलब कि 2012 के विधानसभा चुनाव में पीस पार्टी ने चार विधान सभा सीटें जीती थीं। डॉ. अयूब खलीलाबाद सीट से चुनाव जीते थे। उनकी पार्टी के बाकी तीन विधायकों बगावत कर चुके हैं।

इस बारे में पूछे जाने पर डा. अयूब का कहना था कि वह तो कर्जदार हैं नहीं, नोटिस में भी कर्जदार के रूप में उनका नाम नहीं है इसलिए वह कोई टिप्पणी करना नहीं चाहते।

चुनाव आयोग भी कर सकता है कार्रवाई

विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन करते वक्त दाखिल किए गए हलफनामे में इस कर्ज का उल्लेख न किए जाने पर चुनाव आयोग भी डॉ. अयूब के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। हालांकि चुनाव के दौरान भी बैंक ने आयोग से इसकी शिकायत की थी।

तब उनकी तरफ से आयोग को सफाई दी गई थी कि मामला ट्रिब्यूनल के समक्ष विचाराधीन है। आयोग के सूत्रों का कहना है कि अगर यह साबित हो जाता है कि डॉ. अयूब ने हलफनामे में गलत जानकारी दी तो उनके खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


तथ्यात्मक स्थिति के परीक्षण के बाद ही साफ होगा कि उन्होंने कोई जानकारी छिपाई या नहीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने कहा कि अभी इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।

अगर बैंक या किसी और की शिकायत मिलती है तो पूरे मामले का परीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed