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Lucknow News: आशियाना ही नहीं, जीवन भर की कमाई भी दांव पर
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अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।
लखनऊ। गोलागंज के बारूदखाना स्थित एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटने के बाद वहां रहने वाले लोग मंगलवार को भी परेशान रहे। पांचवीं मंजिल पर रहने वाले शारिक ने बताया कि उनका आशियाना ही नहीं, बल्कि जिंदगी भर की कमाई भी दांव पर लगी है। बड़ी मुश्किल से फ्लैट खरीदा था, लेकिन पिलर टूटने के बाद अब अपने ही घर के बाहर रात गुजारनी पड़ रही है। उन्होंने परिवार के सदस्यों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है।
फ्लैट के भीतर लोगों का जरूरी और कीमती सामान रखा हुआ है। ऐसे में वे बारी-बारी से अपार्टमेंट के बाहर पहरा दे रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है। सोमवार रात एक बुजुर्ग सील की गई बिल्डिंग में अपने फ्लैट के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर बाहर कर दिया। फिलहाल किसी को भी बिल्डिंग के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
आवंटियों का कहना है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों को कुछ दिनों के लिए रिश्तेदारों या ससुराल भेज दिया है। प्रशासन और एलडीए की टीम सर्वे के बाद आगे का निर्णय लेगी। इसके बाद ही लोग फ्लैट में लौटने या किराये के मकान में रहने की व्यवस्था कर सकेंगे।
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चौथी मंजिल पर रहने वाले अब्दुल्ला ने बताया कि घटना के बाद से एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है। परिवार को ससुराल भेज दिया है, लेकिन वह रातभर अपने आशियाने की देखरेख के लिए अपार्टमेंट के बाहर डटे रहे। अपार्टमेंट में रहने वाले शारिक, मुकेश सक्सेना, इसरार, आसिफ और आकिब ने बताया कि वे चाहते हैं कि बिल्डिंग की मरम्मत कर उसे सुरक्षित बनाया जाए। हालांकि, प्रशासन जो निर्णय लेगा, वे उसका सम्मान करेंगे।
शारिक ने बताया कि घटना के बाद से ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता फ्लैट के अंदर रखे जरूरी सामान की है। बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और रुपये समेत कई जरूरी चीजें फ्लैट के अंदर ही हैं।
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फ्लैट के भीतर लोगों का जरूरी और कीमती सामान रखा हुआ है। ऐसे में वे बारी-बारी से अपार्टमेंट के बाहर पहरा दे रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है। सोमवार रात एक बुजुर्ग सील की गई बिल्डिंग में अपने फ्लैट के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर बाहर कर दिया। फिलहाल किसी को भी बिल्डिंग के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
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आवंटियों का कहना है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों को कुछ दिनों के लिए रिश्तेदारों या ससुराल भेज दिया है। प्रशासन और एलडीए की टीम सर्वे के बाद आगे का निर्णय लेगी। इसके बाद ही लोग फ्लैट में लौटने या किराये के मकान में रहने की व्यवस्था कर सकेंगे।
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चौथी मंजिल पर रहने वाले अब्दुल्ला ने बताया कि घटना के बाद से एक-एक पल काटना मुश्किल हो रहा है। परिवार को ससुराल भेज दिया है, लेकिन वह रातभर अपने आशियाने की देखरेख के लिए अपार्टमेंट के बाहर डटे रहे। अपार्टमेंट में रहने वाले शारिक, मुकेश सक्सेना, इसरार, आसिफ और आकिब ने बताया कि वे चाहते हैं कि बिल्डिंग की मरम्मत कर उसे सुरक्षित बनाया जाए। हालांकि, प्रशासन जो निर्णय लेगा, वे उसका सम्मान करेंगे।
शारिक ने बताया कि घटना के बाद से ठीक से खाना भी नहीं खा पा रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता फ्लैट के अंदर रखे जरूरी सामान की है। बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और रुपये समेत कई जरूरी चीजें फ्लैट के अंदर ही हैं।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।

अपार्टमेंट के बाहर जुटे लोग और मरम्मत करते श्रमिक।