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Lucknow News: नूरी बाबा की जमानत प्रार्थनापत्र पर तीन फरवरी को होगी सुनवाई
Sat, 01 Feb 2025 01:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 01 Feb 2025 01:16 AM IST
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श्रावस्ती। नकली नोट छापने, सोशल मीडिया पोस्ट पर पाकिस्तानी झंडा लगाने सहित कई अन्य आरोपों के कारण सुर्खियों में आया नूरी बाबा दो जनवरी से जेल में है। नूरी बाबा ने जिला जज के न्यायालय पर जमानत प्रार्थना पत्र दिया है। इस पर तीन फरवरी को सुनवाई होगी।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गंगापुर के मजरा लक्ष्मनपुर निवासी मुबारक अली उर्फ नूरी करीब एक माह से जेल में है। इसने 29 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम मिलन सिंह के न्यायालय पर अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। इसमें उसने कहा है कि पुलिस ने उसे असत्य तथ्यों के आधार पर फर्जी तरीके से फंसा दिया है। प्रार्थी का इस घटना से कोई वास्ता सरोकार नहीं है। उसने अपने प्रार्थना पत्र के समर्थन में शपथ पत्र भी दिया है।
इसमें उसने कहा है कि जमानत पर छूटने के बाद वह उसका का दुरुपयोग नहीं करेगा। साथ ही जांच व विचारण में बराबर सहयोग व जमानत के सभी शर्तों का पूर्णतया पालन करेगा। उसकी ओर से सिविल जज अवर खंड व न्यायिक मजिस्ट्रेट गौरव द्विवेदी के न्यायालय पर जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसे निरस्त कर दिया गया था। ऐसे में उसने जिला जज से जमानत व मुचलके पर रिहा करने की मांग की है। इस मामले में जिला जज की ओर से सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि तय की गई है।
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मल्हीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गंगापुर के मजरा लक्ष्मनपुर निवासी मुबारक अली उर्फ नूरी करीब एक माह से जेल में है। इसने 29 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम मिलन सिंह के न्यायालय पर अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। इसमें उसने कहा है कि पुलिस ने उसे असत्य तथ्यों के आधार पर फर्जी तरीके से फंसा दिया है। प्रार्थी का इस घटना से कोई वास्ता सरोकार नहीं है। उसने अपने प्रार्थना पत्र के समर्थन में शपथ पत्र भी दिया है।
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इसमें उसने कहा है कि जमानत पर छूटने के बाद वह उसका का दुरुपयोग नहीं करेगा। साथ ही जांच व विचारण में बराबर सहयोग व जमानत के सभी शर्तों का पूर्णतया पालन करेगा। उसकी ओर से सिविल जज अवर खंड व न्यायिक मजिस्ट्रेट गौरव द्विवेदी के न्यायालय पर जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसे निरस्त कर दिया गया था। ऐसे में उसने जिला जज से जमानत व मुचलके पर रिहा करने की मांग की है। इस मामले में जिला जज की ओर से सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि तय की गई है।
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