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वैभव कृष्ण से एसआईटी ने फिर की पूछताछ, एडीजी मेरठ से मिले दस्तावेज
Tue, 21 Jan 2020 10:34 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 21 Jan 2020 10:34 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
आईपीएस अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी ने सोमवार को शिकायतकर्ता वैभव कृष्ण का बयान दर्ज करने के लिए उन्हें दोबारा विजिलेंस आफिस बुलाया। इस बीच एडीजी मेरठ जोन ने एसआईटी को मामले से संबंधित दस्तावेज मुहैया करा दिए हैं। इसके बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार एडीजी मेरठ जोन की ओर से एसआईटी को मामले से संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बाद पैदा हुए नए सवालों का जवाब हासिल करने के लिए वैभव को सोमवार को विजिलेंस दफ्तर बुलाया गया था।
एसआईटी के सामने वैभव ने दोहराया कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं वह अगस्त माह में गिरफ्तार किए गए कथित पत्रकारों के मोबाइल से रिकवर किए गए डाटा और उनके बयान के आधार पर हैं।
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वैभव ने जिन अधिकारियों पर आरोप लगाया है उनमें पूर्व एसपी रामपुर अजय पाल शर्मा, पूर्व एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह, पूर्व एसपी बांदा गणेश साहा, पूर्व एसपी सुल्तानपुर हिमांशु कुमार और एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्रा का नाम शामिल है।
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जानकारी के अनुसार एडीजी मेरठ जोन की ओर से एसआईटी को मामले से संबंधित दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बाद पैदा हुए नए सवालों का जवाब हासिल करने के लिए वैभव को सोमवार को विजिलेंस दफ्तर बुलाया गया था।
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एसआईटी के सामने वैभव ने दोहराया कि उन्होंने जो भी आरोप लगाए हैं वह अगस्त माह में गिरफ्तार किए गए कथित पत्रकारों के मोबाइल से रिकवर किए गए डाटा और उनके बयान के आधार पर हैं।
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वैभव ने जिन अधिकारियों पर आरोप लगाया है उनमें पूर्व एसपी रामपुर अजय पाल शर्मा, पूर्व एसएसपी गाजियाबाद सुधीर कुमार सिंह, पूर्व एसपी बांदा गणेश साहा, पूर्व एसपी सुल्तानपुर हिमांशु कुमार और एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्रा का नाम शामिल है।
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मालूम हो कि इसी महीने के शुरुआत में वैभव कृष्ण का एक अश्लील वीडियो सामने आने के हड़कंप मच गया था। वैभव ने इसे विरोधियों की साजिश बताया था और कहा था कि पूर्व में जिन अफसरों के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, उन्हीं अफसरों ने मिलकर यह साजिश रची है।
सरकार ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। विजिलेंस के डीजी हितेश चंद्र अवस्थी को इस एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया था और आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है। एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जो 24 जनवरी को पूरा हो रहा है।
सरकार ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। विजिलेंस के डीजी हितेश चंद्र अवस्थी को इस एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया था और आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और जल निगम के प्रबंध निदेशक विकास गोठलवाल को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है। एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जो 24 जनवरी को पूरा हो रहा है।