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यूपी : देश में सबसे ज्यादा निवेश वाला जिला बना नोएडा, माना जाता है 'शो विंडो'
Wed, 29 Sep 2021 04:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Sep 2021 04:51 AM IST
सार
साढ़े चार साल में 64362 करोड़ रुपये का निवेश, 484922 लोगों को स्थायी रोजगार।
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नोएडा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के शो विंडो कहे जाने वाले गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में बीते साढ़े चार वर्षों में रिकॉर्ड तोड़ 64362 करोड़ रुपये का निवेश आया है। इस निवेश से एक जिले में 4,84,922 लोगों को रोजगार मिल रहा है। अगर देश में भी देखें तो 718 जिलों में से किसी भी एक जिले में बीते साढ़े चार वर्षों के दौरान इतना निवेश नहीं हुआ है। नतीजतन, नोएडा देश में सबसे अधिक औद्योगिक निवेश कराने वाला जिला बन गया है।
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आंकड़ें बताते हैं कि प्रदेश सरकार की इंवेस्टर फ्रेंडली नीतियों से प्रभावित होकर ही देश और विदेश के बड़े निवेशकों ने नोएडा में इतना अधिक निवेश किया है। इस जिले में नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण जैसे तीन प्राधिकरण काम कर रहे हैं। इन तीनों विकास प्राधिकरणों से देश-विदेश के विभिन्न निवेशकों ने बीते साढ़े वर्षों में 3188 भूखंड लिए हैं।
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ये 3188 निवेशक नोएडा में 64,362 करोड़ का निवेश कर अपनी यूनिट लगा रहे हैं। नोएडा में हो रहे इस निवेश से 484922 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा। औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीते साढ़े चार वर्षों में नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण से औद्योगिक प्लाट लेकर 855 बड़े निवेशक, नोएडा में 20,560 करोड़ रुपये का निवेश कर अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं। इसमें 1,47,703 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।
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इन समूहों का निवेश
निवेश करने वालों में सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, अडानी ग्रुप, केंट आरओ और हल्दीराम जैसे बड़े निवेशक शामिल हैं। सैमसंग कंपनी ने नोएडा में मोबाइल डिस्प्ले यूनिट लगाई है। पेटीएम ने 302 करोड़ रुपये का निवेश किया है और 15 हजार लोगों को रोजगार मिला है। डाटा प्रोसेसिंग के सेक्टर में अडानी ग्रुप ने भी 2500 करोड़ का निवेश करने के लिए 39,146 एकड़ भूमि ली है। बहुराष्ट्रीय माइक्रोसॉफ्ट कंपनी ने भी आईटी सेक्टर में 1000 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए 60,000 एकड़ भूमि ली है। प्रापर्टी के कारोबार में आईएनजीके कंपनी ने 5500 करोड़ का निवेश करने के लिए 47833 एकड़ भूमि खरीदी है। इसके अलावा वेस्टवे इलेक्ट्रॉनिक्स, डिक्सन टेक्नोलॉजी, वीवोटेक्स प्रोजेक्ट, रोटो पंप्स लिमिटेड, अग्रवाल एसोसिएट्स, नेप्तुने सिस्टम, एडवर्ब टेक्नालॉजी, सुरभि ग्रुप, आइकिया सॉल्युशन, यूं फ्लेक्स लिमिटेड और केंट आरओ ने भी नोएडा में जमीन ली है।
ग्रेटर नोएडा में 391 बड़े निवेशक
इसी प्रकार ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 391 बड़े निवेशकों ने ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री स्थापित करने के लिए जमीन ली है। ये निवेशक 26,530 करोड़ रुपये का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट सहित अब तक 1942 निवेशकों को उद्यम स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। ये 1942 निवेशक 17,272.74 करोड़ रुपये का निवेश कर अपनी फैक्ट्री स्थापित कर रहे हैं। इन निवेशकों के फैक्ट्रियों में 2,65,718 लोगों को रोजगार मिलेगा। यीडा के अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक रोजगार जेवर एयरपोर्ट, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, टॉय पार्क और लेदर पार्क में लोगों को मिलेगा। सबसे अधिक नौकरियां जेवर एयरपोर्ट से लोगों को मिलगी।
नई ऊंचाइयों पर नोएडा
इस निवेश के चलते अब ये जिला अपने 45 साल के सफर में कई ऊंचाइयों को छू रहा है। यहीं नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर नोएडा में अब पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन्वेस्टर समिट में साइन हुए एमओयू में से करीब 60 प्रतिशत नोएडा जिले के लिए हुए हैं।