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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP Hindi News: No treatment under Ayushman Yojna inspite of having card.

कार्ड के बावजूद नहीं मिल रहा आयुष्मान योजना का लाभ, लौटाए जा रहे हैं मरीज

Sat, 21 Sep 2019 11:14 AM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 21 Sep 2019 11:14 AM IST
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UP Hindi News: No treatment under Ayushman Yojna inspite of having card.
- फोटो : amar ujala

आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज का दावा किया जा रहा है, लेकिन अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोई पीजीआई के चक्कर लगा रहा है तो कोई केजीएमयू में धक्के खा रहा है। इतना ही नहीं आयुष्मान के मरीजों से सौतेला व्यवहार भी हो रहा है।

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सरकार का दावा है कि आयुष्मान का कार्ड दिखाने पर मरीजों को पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त मिलता है। मरीज कार्ड लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनकी मदद के लिए आयुष्मान मित्र नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद भी मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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कभी आयुष्मान का नामांकन गलत होने की दुहाई दी जा रही है तो कभी मुख्यालय से संस्तुति न मिलने से मरीजों को लौटाया जा रहा है। केजीएमयू के पीआरओ भवन में आयुष्मान के काउंटर पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। वे कभी पीआरओ ऑफिस में पूछताछ को परेशान रहते हैं तो कभी ट्रॉमा सेंटर में है। हालांकि, उन्हें माकूल जवाब नहीं मिलता है।
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दिल के मरीज की नहीं हो सकती सर्जरी
बहराइच के राजेश पीजीआई से दिल की बीमारी का इलाज करा रहे हैं। चिकित्सक ने सर्जरी की सलाह दी। स्टंट सहित पूरा खर्चा करीब तीन लाख रुपये बताया जा रहा है। राजेश ने पीजीआई में आयुष्मान काउंटर पर संपर्क कर कार्ड की फोटोकॉपी दी। हालांकि, सुनवाई नहीं हुई। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में सर्जरी अटकी हुई है। वह कभी एसजीपीजीआई तो कभी डीएम के यहां चक्कर काट रहे हैं।

ऐन वक्त पर रुकी सर्जरी

आयुष्मान कार्डधारक हरदोई निवासी राजेंद्र को हार्ट संबंधी दिक्कत है। उन्होंने केजीएमयू की ओपीडी में दिखाया। चिकित्सक ने सर्जरी के लिए बुलाया। बताया गया कि आयुष्मान का कार्ड होने पर रुपये नहीं जमा करने पड़ेंगे। वह कार्ड लेकर पहुंचे। वार्ड में भर्ती करने के बाद तैयारियां पूरी कर ली गईं। सुबह आठ बजे सर्जरी होने की बात कही गई, लेकिन ऐन वक्त पर पता चला कि अभी तक आयुष्मान मुख्यालय से संस्तुति नहीं मिली है। ऐसे में उनकी सर्जरी अटकी हुई है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि आयुष्मान के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। सर्जरी वाले मरीजों के लिए प्रस्ताव बनाकर आयुष्मान मुख्यालय भेजा जाता है। वहां से संस्तुति मिलने के बाद सर्जरी होती है। इस केस में क्या दिक्कत है, उसे शनिवार को दिखवाया जाएगा।

पीजीआई के सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल का कहना है कि आयुष्मान के मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था है। काउंटर पर सुनवाई नहीं हो रही है तो मरीज हमारे कार्यालय में बता सकते हैं। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।

शिकायत या सुझाव हो तो हमें बताएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अप्रैल 2018 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है, लेकिन अभी तक योजना को धरातल पर नहीं उतारा जा सका है। लाभार्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसीलिए ‘अमर उजाला’ ने नए अभियान की शुरुआत की है।

इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उनसे निराकरण की दिशा में काम करना है, जिससे लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। आपकी कोई प्रतिक्रिया या सुझाव हो तो इस नंबर पर संपर्क करें।

व्हाट्सअप नंबर- 8859108092

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