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यूपी: एक माह में भी पूरी नहीं हो सकी एक एसएसपी की तलाश, जिला कार्यवाहक एसएसपी के हाथ में
Mon, 09 May 2022 10:55 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 09 May 2022 10:55 PM IST
सार
यूपी में अब तक कई बार आईपीएस अफसरों के तबादले हो चुके हैं। फिर भी गाजियाबाद में अब तक स्थायी एसएसपी की तैनाती नहीं हो सकी है।
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विस्तार
गाजियाबाद के एसएसपी के पद पर स्थायी रूप से किसे तैनात किया जाए, यह एक माह बाद भी तय नहीं हो सका है। फिलहाल यह जिला कार्यवाहक एसएसपी के हाथ में है। हालांकि पूर्णकालिक एसएसपी की तैनाती के लिए मंथन जारी है।
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इस बीच दो बार आईपीएस अफसरों के तबादले की सूची जारी हो चुकी है। पहले 14 आईपीएस अधिकारियों का तबादला हुआ जिसमें 9 जिलों के कप्तान शामिल थे। इसके बाद 9 और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया। इनमें एसपी से लेकर एडीजी रैंक तक के अफसर शामिल थे।
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गौरतलब है कि 31 मार्च को गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को निलंबित कर दिया था। उनकी जगह पहले मेरठ रेंज के आईजी को काम संभालने के लिए वहां कैंप करने के लिए कहा गया। इसके बाद विजिलेंस में डीआईजी एलआर कुमार को वहां का कार्यवाहक एसएसपी बनाने आदेश जारी किया गया, लेकिन उन्होंने बीमारी की वजह से ज्वाइन ही नहीं किया। तब इंटेलीजेंस में तैनात एसएसपी मुनिराज जी को कार्यवाहक एसएसपी के रूप में गाजियाबाद भेजा गया। चूंकि मुनिराज जी कार्यवाहक एसएसपी बनाकर भेजे गए हैं, इसलिए वहां के मातहत पसोपेश में हैं।
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पुलिस आयुक्त प्रणाली को लेकर फंसा पेंच
सूत्रों का कहना है कि गाजियाबाद जिले में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इसलिए पूर्णकालिक एसएसपी की तैनाती को लेकर निर्णय नहीं हो पा रहा है। गाजियाबाद को पुलिस कमिश्नरेट बनाए जाने को लेकर कई चर्चाएं चल रही हैं।
इनमें गाजियाबाद को गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में समाहित करने, गाजियाबाद व हापुड़ एक पुलिस कमिश्नरेट बनाने या गाजियाबाद को अलग पुलिस कमिश्नरेट बनाए जाने की चर्चा है। वहीं पुलिस महकमे के शीर्ष अफसरों का एक वर्ग यह भी चाहता है कि गाजियाबाद में मौजूदा व्यवस्था को कायम रखते हुए पुलिसिंग को बेहतर किया जाए।