तीन लाख ओबीसी छात्रों को सरकार ने दिया झटका!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजट की कमी के चलते सूबे में अन्य पिछड़े वर्ग के तीन लाख छात्रों को न तो छात्रवृत्ति मिल पाएगी और न ही उन्हें शुल्क की भरपाई हो सकेगी।
सभी पात्र छात्रों को भुगतान के लिए 681 करोड़ रुपये की जरूरत है, जबकि विभाग के पास 406 करोड़ रुपये ही बचे हैं। विभागीय अफसरों का कहना है कि कम पड़ रही राशि की व्यवस्था कर पाना अब मुमकिन नहीं।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत उन छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क की भरपाई करने का नियम है, जिनके परिवार की सालाना आमदनी दो लाख रुपये से अधिक नहीं है। सत्र 2014-15 में कुल 27.69 लाख छात्र इसके लिए पात्र पाए गए हैं।
इनमें से 14.27 लाख छात्रों को बीती मार्च में 615 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। यानी, 13.42 लाख छात्र अब भी बचे हैं। खाता संबंधी खामियों के चलते उन्हें 31 मार्च तक भुगतान नहीं हो सका था।
नए वित्तीय वर्ष में दी जानी थी रकम
इन छूटे छात्रों को नए वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की रकम दी जानी है। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, सत्र 2014-15 में इन दोनों मदों के लिए 1021 करोड़ रुपये की व्यवस्था हो पाई थी।
विभाग के पास उपलब्ध 406 करोड़ रुपये बजट से 10.42 लाख विद्यार्थियों को ही योजना का लाभ दिया जा सकता है। यानी, तीन लाख छात्र फिर भी योजना का लाभ पाने से छूट जाएंगे।
इनको भुगतान करने के लिए करीब 275 करोड़ रुपये और चाहिए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन छात्रों के लिए जरूरी बजट की व्यवस्था करने की शासन की कोई योजना नहीं है।