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IPS को धमकाने का मामला: वॉयस सैंपलिंग पर मुलायम खामोश, मुश्किल में पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:11 AM IST
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मुलायम सिंह यादव
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आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकाने के आरोपी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का वॉयस सैंपल लेने का रास्ता पुलिस के लिए आसान नहीं दिख रहा। मामले की विवेचना कर रहे एएसपी हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा ने कहा कि आईपीएस ने तो वॉयस सैंपलिंग के लिए सहमति दे दी है लेकिन मुलायम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है।
मंगलवार को एक सिपाही नोटिस लेकर उनके आवास गया था, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे बैरंग लौटा दिया। एएसपी ने कहा कि मुलायम को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा गया है।
एएसपी का कहना है कि अगर मुलायम भी सहमत हो जाते हैं तो फोरेंसिक टीम को बुलाकर दोनों की आवाज के नमूने लिए जाएंगे। वॉयस सैंपलिंग के लिए किसी से जबरदस्ती नहीं की जा सकती। इसके लिए संबंधित व्यक्ति की सहमति जरूरी है।
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मंगलवार को एक सिपाही नोटिस लेकर उनके आवास गया था, जहां सुरक्षाकर्मियों ने उसे बैरंग लौटा दिया। एएसपी ने कहा कि मुलायम को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भेजा गया है।
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एएसपी का कहना है कि अगर मुलायम भी सहमत हो जाते हैं तो फोरेंसिक टीम को बुलाकर दोनों की आवाज के नमूने लिए जाएंगे। वॉयस सैंपलिंग के लिए किसी से जबरदस्ती नहीं की जा सकती। इसके लिए संबंधित व्यक्ति की सहमति जरूरी है।
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वॉयस सैंपलिंग के लिए अदालत नहीं कर सकती बाध्य
अमिताभ ठाकुर
- फोटो : amar ujala
अगर मुलायम सहमत नहीं होंगे तो उनकी वॉयस सैंपलिंग नहीं की जाएगी। इस बाबत मुलायम सिंह की तरफ से जवाब आते ही कोर्ट को अवगत कराया जाएगा। गौरतलब है कि अदालत भी किसी व्यक्ति को वॉयस सैंपलिंग के लिए बाध्य नहीं कर सकती। यही वजह है पुलिस मुश्किल में फंसी हुई है। मुलायम के वॉयस सैंपल न देने से केस की विवेचना प्रभावित होगी।
गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने मुलायम सिंह यादव पर फोन पर धमकाने का आरोप लगाते हुए जुलाई 2015 में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, हजरतगंज पुलिस ने इस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट ने पुनर्विवेचना का आदेश देते हुए सीओ हजरतगंज को जांच सौंपी। साथ ही आईपीएस अफसर और सपा संस्थापक के आवाज के नमूने लेने को कहा। इसी के तहत ने दोनों को नोटिस भिजवाया गया था।
गौरतलब है कि अमिताभ ठाकुर ने मुलायम सिंह यादव पर फोन पर धमकाने का आरोप लगाते हुए जुलाई 2015 में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, हजरतगंज पुलिस ने इस केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। कोर्ट ने पुनर्विवेचना का आदेश देते हुए सीओ हजरतगंज को जांच सौंपी। साथ ही आईपीएस अफसर और सपा संस्थापक के आवाज के नमूने लेने को कहा। इसी के तहत ने दोनों को नोटिस भिजवाया गया था।