यूपी: डीजीपी के रिटायरमेंट पर नहीं होगा कोई आयोजन, हितेश चंद्र अवस्थी 30 जून को होंगे सेवानिवृत्त
यूपी के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी 30 जून को रिटायर हो रहे हैं। इस मौके पर किसी भी तरह के विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश के मौजूदा डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी 30 जून को रिटायर हो जाएंगे। मगर कोरोना महामारी के चलते उनके रिटायरमेंट के मौके पर पुलिस लाइन में न तो पारंपरिक विदाई परेड होगी और न कोई अन्य आयोजन। इससे पहले पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के रिटायरमेंट के समय विदाई परेड आयोजित नहीं हुई थी।
आमतौर पर डीजीपी के रिटायरमेंट के मौके पर विदाई परेड होती है। बाद में शाम को डीजीपी अपने निवास पर वरिष्ठ अधिकारियों को जलपान कराते हैं। मगर डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी कहते हैं कि वह सादगी के साथ विदा होना चाहते हैं। इसलिए किसी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अपने कार्यकाल में कभी अवकाश नहीं लिया। यहां तक कि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हिस्सा लेते रहे। गौरतलब है कि जब उन्हें पुलिस प्रमुख की कमान मिली, तब सीएए और एनआरसी के विरोध में कई जिलों में प्रदर्शन चल रहा था। इसके फौरन बाद कोरोना ने दस्तक दे दी। ऐसे में अवस्थी के कार्यकाल का बड़ा हिस्सा कोविड की भेंट चढ़ गया।
इन घटनाओं से हुई पुलिस की किरकिरी
मौजूदा डीजीपी के कार्यकाल में कुछ घटनाओं के पुलिस की किरकिरी हुई। हाथरस में बलात्कार की शिकार युवती का आधी रात को अंत्येष्टि किए जाने के मामले में महकमे के वरिष्ठ अधिकारी सवालों के घेरे में आए। तो बिकरू कांड में लापरवाही की वजह से आधा दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियों की जान चली गई। इसे लेकर पुलिस पर सवाल उठे। वहीं, रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिस कप्तान मणिलाल पाटीदार को निलंबित करना पड़ा। फिलहाल वह फरार हैं।
कोरोना की पहली लहर ने बदली पुलिस की छवि
कोरोना की पहली लहर के दौरान पुलिस ने लोगों की मदद की। उनके कार्यों की सराहना हुई और छवि बदली। खुद डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिकों को राहत सामग्री बांटी। अपराधियों के खिलाफ जीरो टालरेंस और बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की वजह से भी पुलिस की सराहना हुई।