नहीं मिल रहे ताज को संवारने वाले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्यार के प्रतीक ताजमहल के इर्द-गिर्द विकास के लिए कोई दिलदार ठेकेदार आगे नहीं आ रहा है।
सवा अरब रुपये से ज्यादा के इन कामों के लिए अब तक तीन बार टेंडर निकाले जा चुके हैं। शुरू के दो बार तो किसी ने आवेदन ही नहीं किया। तीसरी बार दो आवेदन आए, मगर वे शर्तें पूरी नहीं कर सके।
अब शासन ने यह कहते हुए ठेकेदारों को मनाने का जिम्मा अफसरों को सौंपा है कि वे ये काम मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि ‘नाम’ के लिए करने आगे आएं।
एनआईडी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन) अहमदाबाद की मदद से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ताजमहल के चारों ओर विकास का खाका तैयार किया है।
‘विश्वदाय स्मारक के चारों ओर शहरी संरक्षण एवं विकास परियोजना’ के लिए छह दिसंबर को शासनादेश जारी हुआ। वित्त व्यय समिति से 136.49 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति मिलने के बाद बजट भी पास हो गया।
प्रोजेक्ट मैनेजर एसपी सिंह के अनुसार पहली दो बार कोई टेंडर नहीं आया।
तीसरी बार दो टेंडर आए, मगर ठेकेदार जरूरी टर्नओवर की शर्त पूरी नहीं करते थे। अब चौथी बार टेंडर मांगने के निर्देश शासन ने दिए हैं, जिस पर जल्द ही अमल होगा।