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राहत : लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण प्रसार की नहीं हुई पुष्टि
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लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में कोरोना वायरस के लक्षण वाले काफी मरीज हैं पर ज्यादातर में संक्रमण नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में संक्रमण की स्थिति जांचने के लिए शुरू किए गए घर-घर दस्तक अभियान के पहले चार दिन की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग ने आठ ब्लॉक में 2224 लोगों की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसमें से महज चार लोगों में ही कोरोना की पुष्टि हुई। सीएमओ के अनुसार बाकी को मौसमी बुखार हो सकता है।
लखनऊ में जिस तेजी से कोरोना का प्रसार हो रहा था उससे गांवों में भी संक्रमण फैलने की आशंका हो रही थी। इसका पता लगाने के लिए घर-घर दस्तक अभियान की शुरुआत की गई थी।
चार दिन में लखनऊ के आठ ब्लॉक में कोरोना जैसे लक्षण वाले 2224 लोगों की जांच कराई गई। इसमें से 1971 लोगों का एंटीजन टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में 11 लोग पॉजिटिव मिले थे।
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हालांकि आरटीपीसीआर जांच में सिर्फ चार पॉजिटिव मामले ही मिले। इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
पांच मई से शुरू हुआ अभियान
कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों की खोज का अभियान पांच मई को शुरू हुआ था। इसके लिए कई टीमें मरीजों की खोज में लगाई गई हैं। ये टीम बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश आदि के मरीजों की पहचान कर रही हैं। गांव में निगरानी समिति, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्री इस अभियान में जुटी हैं। संदिग्ध की पहचान के बाद टीम जांच के लिए आती है। उसके आधार पर यह रिपोर्ट आई है।
तारीख संदिग्ध मरीज जांच हुई
05 मई 426 334
06 मई 533 465
07 मई 762 650
08 मई 503 522
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में संक्रमण की स्थिति जांचने के लिए शुरू किए गए घर-घर दस्तक अभियान के पहले चार दिन की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग ने आठ ब्लॉक में 2224 लोगों की जांच की है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इसमें से महज चार लोगों में ही कोरोना की पुष्टि हुई। सीएमओ के अनुसार बाकी को मौसमी बुखार हो सकता है।
लखनऊ में जिस तेजी से कोरोना का प्रसार हो रहा था उससे गांवों में भी संक्रमण फैलने की आशंका हो रही थी। इसका पता लगाने के लिए घर-घर दस्तक अभियान की शुरुआत की गई थी।
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चार दिन में लखनऊ के आठ ब्लॉक में कोरोना जैसे लक्षण वाले 2224 लोगों की जांच कराई गई। इसमें से 1971 लोगों का एंटीजन टेस्ट किया गया। इस टेस्ट में 11 लोग पॉजिटिव मिले थे।
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हालांकि आरटीपीसीआर जांच में सिर्फ चार पॉजिटिव मामले ही मिले। इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है।
पांच मई से शुरू हुआ अभियान
कोरोना के लक्षणों वाले मरीजों की खोज का अभियान पांच मई को शुरू हुआ था। इसके लिए कई टीमें मरीजों की खोज में लगाई गई हैं। ये टीम बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश आदि के मरीजों की पहचान कर रही हैं। गांव में निगरानी समिति, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्री इस अभियान में जुटी हैं। संदिग्ध की पहचान के बाद टीम जांच के लिए आती है। उसके आधार पर यह रिपोर्ट आई है।
तारीख संदिग्ध मरीज जांच हुई
05 मई 426 334
06 मई 533 465
07 मई 762 650
08 मई 503 522