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'आधार' के चक्कर में हवा में लटकी कैश सब्सिडी
ज्ञान सक्सेना/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 31 Dec 2013 02:20 AM IST
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एलपीजी सिलेंडरों पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा होने की योजना को लेकर जिला प्रशासन व तेल कंपनियां आमने-सामने आ गई हैं।
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सोमवार को जिलाधिकारी अनुराग यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद एडीएम वित्त व राजस्व एसके सिंह यादव ने बताया कि शहर में फिलहाल एक जनवरी से कैश बेस सब्सिडी योजना लागू नहीं होगी।
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उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए पहले हर उपभोक्ता का आधार कार्ड बनवाने व उसे कस्टमर के बैंक खाते से संबद्ध कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही योजना को लागू किया जाएगा।
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एडीएम वित्त व राजस्व ने साफ किया कि इस बाबत जल्द ही शासन के माध्यम से केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को जल्द ही एक पत्र भेजकर डीबीटीएल योजना एक अप्रैल से लागू करने की सिफारिश की जाएगी।
वहीं एलपीजी की सप्लाई से जुड़ी तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक यूपी सिंह ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशानुसार लखनऊ, कानपुर व इटावा में एक जनवरी से ही डीबीटीएल (कैश बेस सब्सिडी ट्रांसफर) के लागू होने का दावा दोहराया है।
उनका कहना है कि तेल कंपनियों ने इस संबंध में पहले ही साफ कर दिया है कि इसे लागू करने के दौरान उपभोक्ताओं को कोई भी परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए तीन महीने का ग्रेस पीरियड भी दिया गया है। इस दौरान जिला प्रशासन व अन्य सरकारी विभागों में समन्वय बना कर प्रत्येक उपभोक्ता का आधार कार्ड बनाने के बाद उसे कस्टमर के बैंक खाते संबद्ध किया जाएगा।
यूपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी अनुराग यादव ने बीते दिनों हुई एक बैठक में इस मसले पर सम्मिलत कार्ययोजना तैयार करने के लिए तीन जनवरी को जिला प्रशासन, जनगणना विभाग, यूआईडी अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
ऐसे में अचानक यह निर्णय लेने उनकी समझ में नहीं आ रहा है। एडीएम वित्त व राजस्व एसके सिंह यादव ने बताया कि एनपीआर में बॉयोमैट्रिक पंजीयन दर्ज कराने की दूसरे चरण की प्रक्रिया के बाद ही आधार कार्ड बनवाने का काम शुरू होगा। आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया चार चरण में पूरी होगी।
इस प्रक्रिया के पहले चरण में केवाईआर फार्म भरवाने, दूसरे चरण में एनपीआर में पंजीयन कराने, तीसरे चरण में पंजीकृत व्यक्ति की बॉयोमैट्रिक जांच करा एनपीआर नंबर जारी करने के बाद चौथे चरण में नामित एजेंसी द्वारा आधार कार्ड बनेगा। उन्होंने बताया कि एनपीआर में बॉयोमैट्रिक पंजीयन कराने का काम और तेजी से किया जाएगा।
... तो गैस एजेंसियों पर बनेंगे आधार कार्ड
एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी तीनों प्रमुख तेल कंपनियां संबद्ध गैस एजेंसियों पर एनपीआर व आधार कार्ड शिविर आयोजित करने की तैयारी में हैं।
इसमें रोस्टर आधारित कार्यक्रम के तहत वेंडर एजेंसी चयनित कर एजेंसी पर पंजीकृत ग्राहकों की बॉयोमैट्रिक जांच कर उनके आधार कार्ड बनवा कर बैंक खाते से जुड़वाया जाएगा।
इसके लिए तेल कंपनियां एक जनवरी से अपने गैस उपभोक्ताओं को दो कैटेगरी में बांटेगी। पहली कैटेगरी में सीटीसी के तहत ऐसे घरेलू गैस उपभोक्ताओं को रखा जाएगा।
जिन्होंने कैश सब्सिडी ट्रांसफर संबंधी आधार कार्ड संबद्ध बैंक खाते की औपचारिकता को गैस एजेंसी पर दर्ज करा दिया होगा।