बैंकों और एटीएम में नहीं है कैश, सहालग के वक्त लोग परेशान
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अंबेडकरनगर-गोरखपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बैंकों में कैश खत्म हो गया है। एटीएम भी खाली हो गए हैं। खाते में पैसा होने के बावजूद शादी-ब्याह के सीजन में न निकाल पाने से लोग परेशान हैं।
वहीं बैंकों का कहना है कि रिजर्व बैंक से ही करेंसी नहीं आ रही है। वहीं लखनऊ में आरबीआई के इश्यू डिपार्टमेंट के प्रभारी महाप्रबंधक योगेश दयाल का कि प्रदेश में इस समय 231 करेंसी चेस्ट हैं, जिनमें से दो अंबेडकरनगर में हैं। दोनों में आरबीआई पर्याप्त राशि की सप्लाई कर रहा है।
बैंक इनसे करेंसी निकाल भी रहे हैं लेकिन बैंकों को जितना इन चेस्ट में जमा करना चाहिए उतना नहीं कर रहे। इसी से संकट पैदा हुआ है।
करेंसी नोटों की शॉर्टेज को स्वीकारते हुए आरबीआई के अफसरों ने कहा कि यह समस्या राष्ट्रीय स्तर पर बनी हुई है।
करेंसी की सप्लाई बढ़ाई जाएगी ताकि दिक्कतें दूर हो सकें। जीएम योगेश दयाल का कहना है कि शादी-विवाहों का दौर शुरू हो गया है। होली अभी बीती ही है। इन दिनों में भारी मात्रा में पैसा निकाला गया। यह पैसा सर्कुलेट होकर बैंकों में जमा होता है। पर अभी यह क्रम टूट रहा है।
आने वाले चुनाव का असर तो नहीं
एसबीआई के एक अफसर का तर्क है कि यूपी में चुनावों से पहले यह स्थितियां अक्सर आती हैं। बैंकों से भारी मात्रा में पैसा निकाला जाता है, जो वापस सिस्टम में नहीं आता।
करेंसी चेस्ट आरबीआई के अधीन हैं। करेंसी की सप्लाई बनाए रखने के लिए आरबीआई में इश्यू डिपार्टमेंट करेंसी मैनेजमेंट का काम करता है। देशभर में इस समय 4281 करेंसी चेस्ट और 4044 कॉइन डिपॉजिट हैं।
ऐसे काम करता है : हर शाखा के पास पैसा रखने की एक सीमा होती है। अगर किसी शाखा के लिए यह सीमा 20 करोड़ रुपये है और दिनभर में वह 22 करोड़ रुपये का कारोबार कर ले तो अतिरिक्त 2 करोड़ रुपया चेस्ट में लौटाया जाता है। कारोबार अगर 18 करोड़ का हुआ तो पर करेंसी चेस्ट 2 करोड़ रुपया शाखा में भेेजता है।