फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Nirvana Sanstha did not have a specialist doctor posted to treat children

Lucknow News: निर्वाण संस्था में बच्चों के इलाज नहीं तैनात था विशेषज्ञ डॉक्टर

Wed, 02 Apr 2025 02:02 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Apr 2025 02:02 AM IST
विज्ञापन
Nirvana Sanstha did not have a specialist doctor posted to treat children
लखनऊ। निर्वाण संस्था में बच्चों के इलाज के लिए कोई भी कुशल विशेषज्ञ तैनात नहीं था। होम्योपैथिक डॉक्टर बच्चों को मीठी गोली खिलाकर उनकी मर्ज ठीक कर रहा था। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की जांच में हुआ है। जांच कमेटी को वहां पर कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला। पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहीं, अफसर इस घोर लापरवाही पर पर्दा डालने में जुटे हैं।
विज्ञापन

पारा में बुद्धेश्वर स्थित निर्वाण केंद्र पीपीपी मॉडल पर संचालित होता है। मानसिक कमजोर, अनाथ व लावारिस बच्चों को यहां रखा जाता है। अभी यहां 147 बच्चे हैं। अधिकतर की उम्र 10 से 18 साल के बीच है। बीती 21 मार्च से संस्था में बीमारी फैली थी। बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द की शिकायत कर रहे थे।
विज्ञापन

आरोप है कि शुरुआत में संस्था के जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 23 मार्च को उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जब बच्चे अचेत होने लगे, तब संस्था ने अलग-अलग अस्पतालों में उन्हें भर्ती कराया। इस दौरान पांच बच्चों की जान भी चली गई। इसके बाद शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी घटना की जांच कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब इसकी रिपोर्ट सामने आ रही है। इसमें कहा गया है कि बच्चाें के इलाज लिए संस्था में कोई एमबीबीएस डॉक्टर तैनात नहीं था। होम्योपैथिक डॉक्टर के भरोसे बच्चों का इलाज चल रहा था। पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। आरोप है कि अफसर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के बजाय मामले को दबाने में जुटे हैं। संस्था संचालक का कहना है कि संबंधित विभाग के जरिये यहां पर किस डॉक्टर को भेजा गया है, यह उस विभाग के अफसर बता सकते हैं। हमें किसी भी डॉक्टर की डिग्री चेक करने का अधिकार नहीं है।

मनोरोग चिकित्सक व फिजिशियन की टीम बनाकर संस्था में भेजी जाती थी, जिनके जरिये समय-समय पर बच्चों की जांच करके उन्हें इलाज मुहैया कराया जाता था। विभाग के जरिये होम्योपैथिक चिकित्सक नहीं भेजा गया। संस्था ने अपने स्तर से किसी डॉक्टर को रखा होगा।
- विकास सिंह, डीपीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed