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Lucknow News: आग में जिंदा जला नौ माह का मासूम, भाई झुलसा
Wed, 20 Mar 2024 12:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:24 AM IST
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खीरों (रायबरेली)। गनेशपुर मजरे जसमऊ गांव में सोमवार रात छप्पर में आग लगने से चारपाई पर सो रहे नौ माह के बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका सात वर्षीय भाई गंभीर रूप से झुलस गया। झुलसे बालक को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना से गांव में मातम छाया है।
खीरों थाना क्षेत्र के गनेशपुर मजरे जसमऊ गांव निवासी शिवबोधन का परिवार गांव में छप्पर रखकर गुजर बसर करता है। घर का खर्च चलाने के लिए शिव बोधन पंजाब में भट्ठे में मजदूरी करता है। वहीं घर में उसकी पत्नी रीना अपने दो बच्चों आयुष (7) व आर्यन 9 माह के साथ रहती है। सोमवार रात नौ बजे रीना ने चूल्हे पर खाना बनाया। दोनों बच्चों को खाना खिलाया और चारपाई पर सुला दिया।
बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए चारपाई के पास घास एवं खरपतवार रखकर धुआं सुलगा कर नित्यकर्म के लिए चली गई। इस दौरान खरपतवार जलने लगा। इससे आग छप्पर में लग गई। रीना वापस घर आ रही थी तो उसे छप्पर में आग की लपटें दिखायी पड़ी। जब तक वह चिल्लाते हुए दौड़कर घर आती, तब तक आग पूरे छप्पर में लग गई।
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रीना के चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने दौड़कर आग बुझाते हुए आयुष व आर्यन को बाहर निकाला। लेकिन तब तक आर्यन की मौत हो चुकी थी। जबकि आयुष का शरीर झुलस चुका था। आग से एक बेटे की मौत व दूसरे को घायल देखकर रीना रोते हुए बेहोश हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
पुलिस ने आयुष को सीएचसी खीरो पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि आग लगने से छप्पर के नीचे सो रहे नौ माह के बच्चे की मौत हुई है, जबकि उसका भाई झुलसा है। हादसे की जांच कराई जा रही है।
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खीरों थाना क्षेत्र के गनेशपुर मजरे जसमऊ गांव निवासी शिवबोधन का परिवार गांव में छप्पर रखकर गुजर बसर करता है। घर का खर्च चलाने के लिए शिव बोधन पंजाब में भट्ठे में मजदूरी करता है। वहीं घर में उसकी पत्नी रीना अपने दो बच्चों आयुष (7) व आर्यन 9 माह के साथ रहती है। सोमवार रात नौ बजे रीना ने चूल्हे पर खाना बनाया। दोनों बच्चों को खाना खिलाया और चारपाई पर सुला दिया।
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बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए चारपाई के पास घास एवं खरपतवार रखकर धुआं सुलगा कर नित्यकर्म के लिए चली गई। इस दौरान खरपतवार जलने लगा। इससे आग छप्पर में लग गई। रीना वापस घर आ रही थी तो उसे छप्पर में आग की लपटें दिखायी पड़ी। जब तक वह चिल्लाते हुए दौड़कर घर आती, तब तक आग पूरे छप्पर में लग गई।
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रीना के चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने दौड़कर आग बुझाते हुए आयुष व आर्यन को बाहर निकाला। लेकिन तब तक आर्यन की मौत हो चुकी थी। जबकि आयुष का शरीर झुलस चुका था। आग से एक बेटे की मौत व दूसरे को घायल देखकर रीना रोते हुए बेहोश हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया।
पुलिस ने आयुष को सीएचसी खीरो पहुंचाया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि आग लगने से छप्पर के नीचे सो रहे नौ माह के बच्चे की मौत हुई है, जबकि उसका भाई झुलसा है। हादसे की जांच कराई जा रही है।