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Lucknow News : नोरा फतेही, टाइगर श्राफ और सनी लियोनी के लाइव कंसर्ट के नाम पर नौ करोड़ ठगने वाले गिरफ्तार

Mon, 31 Jul 2023 11:42 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 31 Jul 2023 11:42 AM IST
सार

चैरिटी शो कराने के नाम पर नौ करोड़ की ठगी के मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया। मास्टरमाइंड विराज त्रिवेदी सिर्फ 12वीं पास है। वह लंबे समय तक एक कुरियर कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय था।

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Nine crore fraudsters arrested in the name of live concert of Nora Fatehi, Tiger Shroff and Sunny Leone
नोरा फतेही

विस्तार

बॉलीवुड कलाकारों का लाइव कंसर्ट (चैरिटी शो) कराने के नाम पर 9 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह को एसटीएफ ने दबोच लिया है। मास्टरमाइंड व उसके एक साथी को पुणे (महाराष्ट्र) और तीसरे को अहमदाबाद (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया। पुलिस और एसटीएफ इनकी तलाश में लगी थीं।

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श्री सुविधा फाउंडेशन ट्रस्ट की तरफ से नवंबर-2022 में इकाना स्टेडियम में बॉलीवुड स्टार गुरु रंधावा, नोरा फतेही, टाइगर श्राफ, सचित परंपरा और सनी लियोनी का लाइव कंसर्ट कराने के नाम पर लाखों रुपये के टिकट बेचे गए थे। फाइनेंसर्स से करोड़ों रुपये लिए गए थे। शो की तारीख तय हुई थी, लेकिन ठीक एक दिन पहले आयोजक नौ करोड़ रुपये हड़पकर फरार हो गए थे। इस संबंध में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दो और गोमतीनगर विस्तार में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें विराज त्रिवेदी, समीर कुमार और जयंतीभाई डेरावालिया नामजद थे। तब से इन आरोपियों की तलाश चल रही थी।
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एसटीएफ एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि पिछले नौ महीने से तीनों आरोपी फरार थे। 27 जुलाई को आरोपी विराज और जयंतीभाई को पुणे से और समीर को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया। आरोपियों ने पूरा खेल कुबूला है। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ये जेल भेज दिए गए। पुलिस अब विवेचना आगे बढ़ाएगी।
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डेढ़ गुना रकम वापसी का दिया था झांसा
आरोपी सबसे पहले इकाना स्टेडियम के मैनेजर गौरव सिंह से मिले थे। एक करोड़ में स्टेडियम बुकिंग की डील फाइनल हुई थी। इसके बाद करीब दो हजार टिकट बेचे। अन्य रकम फाइनेंसर्स के जरिये इकट्ठा की थी। जो फाइनेंसर थे, उनसे आरोपियों ने दावा किया था कि शो के बाद वह उनकी रकम का डेढ़ गुना अधिक वापस करेंगे। पर, जब पैसा जुटा लिया तो यहां से सभी रफूचक्कर हो गए।

सिम-मोबाइल बदले, तब भी फंस गए जाल में
आरोपी बेहद शातिर हैं। ठगी को अंजाम देने के बाद शहर छोड़कर भागने के दौरान ही अपने सिम निकालकर फेंक दिए थे। यहां तक कि मोबाइल भी बदल दिए थे। सूत्रों के मुताबिक जिन नंबरों को आरोपी पहले इस्तेमाल करते थे, उनकी कॉल डिटेल निकाली गई। इससे संदिग्ध नंबर चिह्नित किए गए। बाद में नए सिमों से इन नंबरों पर आरोपियों ने संपर्क किया, जिससे वह एसटीएफ की जद में आ गए। फिर आसानी से नए नंबर आरोपियों के मिल गए, जिससे वह ट्रेस कर लिए गए।

गिरफ्तार किए गए आरोपी 
- विराज त्रिवेदी उर्फ विवेक दवे उर्फ विवेक जोशी, सूरत, गुजरात
- समीर कुमार जितेन्द्र भाई शर्मा, गुजरात (सीएमडी श्री सुविधा फाउंडेशन)
- जयंतीभाई डेरावालिया, राजकोट गुजरात


 

12वीं पास ठगी का मास्टरमाइंड, कुरियर कंपनी में करता था काम

चैरिटी शो कराने के नाम पर नौ करोड़ की ठगी के मामले में एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया। मास्टरमाइंड विराज त्रिवेदी सिर्फ 12वीं पास है। वह लंबे समय तक एक कुरियर कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय था। सबसे पहले उसने श्री सुविधा फाउंडेशन के सीएमडी को अपने साथ जोड़ा। फिर अन्य लोगों को जोड़ता गया और ठगी को अंजाम दिया। शो को लेकर सोशल मीडिया के हर एक प्लेटफार्म पर प्रचार भी किया गया था। आशंका है कि अन्य किसी न किसी शहर में इस तरह से आरोपियों ने ठगी को अंजाम दिया होगा। अगर शिकायत मिलेगी तो एसटीएफ उसकी भी जांच करेगी।

एसटीएफ के मुताबिक, कुरियर कंपनी में विराज ने सात साल तक काम किया था। इके बाद साल 1999 में उसने खुद की एक कुरियर एजेंसी खोल ली, जिसको 2014 तक चलाता रहा। व्यापार का पूरा सेटअप गुजरात में था। इसके बाद एक और ऑफिस मलाड मुंबई में खोला। कोरोना के दौरान 2020 में उसका काम बंद हो गया। इस दौरान उसकी मुलाकात समीर शर्मा से हुई। फिर जयंतीभाई उससे जुड़े। 2022 में सभी लखनऊ आए। इवेंट के नाम पर ठगी करने की साजिश रची। कई बार तारीख आगे बढ़ाई। आखिर में नवंबर 2022 की तारीख तय की। रकम जुटाने के बाद फरार हो गए।

अस्पताल खोलने के मकसद से आए थे लखनऊ
समीर एक मोटर कंपनी में काम करता था। वह एक अस्पताल में साझेदार भी था। सबसे पहले समीर व विराज लखनऊ में अस्पताल खोलने की योजना बनाई थी। जमीन भी देख रहे थे। एक रेस्टोरेंट भी खोला था। अचानक से ठगी का आइडिया आया, जिसमें पैसा ही पैसा दिखा। तो अस्पताल खोलने के बजाए ठगी को अंजाम दे डाला।

लग्जरी गाड़ी डिस्काउंट में दिलाने की बात कह बड़ी रकम कराई निवेश
एसटीएफ के मुताबिक, सबसे पहले फाइनेंसर से करीब पांच करोड़ रुपये आरोपियों ने इकट्ठा किए थे। रकम कम पड़ी तो दूसरी चाल चली। झांसा दिया कि जितने लोग शो फाइनेंस करेंगे उनको लग्जरी गाड़ियां तीस फीसदी छूट पर दिलाई जाएंगी। फाइनेंसर लालच में आ गए। 35 चार पहिया और करीब सौ बाइकों की बुकिंग की गई। यानी फाइनेंसर अधिक हो गए और इस तरह से कुल नौ करोड़ रुपये ठगों ने जुटा लिए थे।

नाम बदलकर खेल, असल पहचान छिपाने की कोशिश
शो के लिए टिकट की कीमत 499 रुपये से लेकर छह हजार रुपये तक रखी गई थी। टिकट ऑनलाइन बेचे गए थे। सदर इलाके में कंपनी की तरफ से एक दफ्तर भी खोला गया था। जब आरोपी पकड़े गए तो पता चला कि विराज ने तीन अलग-अलग नाम रखे हुए हैं। इन नामों के कई फर्जी दस्तावेज भी हैं। ये इसलिए जिससे उनकी असल पहचान उजागर न हो सके और वह पकड़े न जाएं।

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