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Lucknow News: एलयूसीसी चिटफंड कंपनी का निगोहां दफ्तर भी बंद
Sun, 01 Dec 2024 08:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 01 Dec 2024 08:57 PM IST
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निगोहां। निवेश पर रकम दोगुना करने का लालच देने वाली एलयूसीसी चिटफंड कंपनी पर लोगों ने फिर रुपये लेकर भागने का आरोप लगाया है। बीकेटी के बाद अब निगोहां इलाके में दफ्तर बंद कर कंपनी के लोग गायब हो गए। बता दें कि कंपनी की ठगी का शिकार हुए दर्जनों निवेशकों ने बाराबंकी में 10 केस दर्ज कराए हैं। 28 नवंबर को बाराबंकी पुलिस ने कंपनी से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
आरोप है कि द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड शिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) जमाकर्ताओं का लाखों रुपये लेकर भाग गई। कंपनी की शाखाएं लखनऊ, बाराबंकी सहित अन्य जनपदों में थीं। निगोहां कस्बा में भी कंपनी का दफ्तर था। आसपास के गांव में रहने वाले लोगों ने लाखों रुपये कंपनी में निवेश किए थे। बीती रात निगोहां की शाखा में ताला लगाकर व बोर्ड उतारकर संचालक भाग निकले। थानाध्यक्ष अनुज तिवारी का कहना है कि शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
इन्होंने किया था निवेश
भावाखेड़ा के आशीष सिंह के 65 लाख व उनके रिश्तेदारों के मिलाकर दो करोड़ रुपये, विशाल गुप्ता ने 90 हजार, संजीव गुप्ता ने 24 हजार, अभिषेक गुप्ता ने एक लाख, अमित गुप्ता ने 70 हजार, अनूप गुप्ता ने दो लाख, मनोज गुप्ता ने 60 हजार, देवेंद्र सैनी ने 50 हजार, आदर्श गुप्ता ने 1.70 लाख, लालपुर के मुकेश ने 4.11 लाख, पंकज ने 15 हजार, मनोज ने 1.50 लाख, शिवम ने 42 हजार, राजन ने 24 हजार, मो. साहिल ने 1.09 लाख, अमरेश चौरसिया ने 40 हजार, विशाल ने 12 हजार, जुलेखा बानो ने 40 हजार, अनुज यादव ने 58 हजार, मो. इरशाद ने 90 हजार रुपये निवेश किए थे।
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मैनेजर का छोड़ दिया था पुलिस ने
शनिवार को बीकेटी के अस्ती रोड पर स्थित कंपनी का दफ्तर भी बंद कर दिया गया था। खबर पाकर निवेशक जमा हो गए थे। थाने पर लिखित शिकायत दी है। ब्रांच मैनेजर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।
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आरोप है कि द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड शिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) जमाकर्ताओं का लाखों रुपये लेकर भाग गई। कंपनी की शाखाएं लखनऊ, बाराबंकी सहित अन्य जनपदों में थीं। निगोहां कस्बा में भी कंपनी का दफ्तर था। आसपास के गांव में रहने वाले लोगों ने लाखों रुपये कंपनी में निवेश किए थे। बीती रात निगोहां की शाखा में ताला लगाकर व बोर्ड उतारकर संचालक भाग निकले। थानाध्यक्ष अनुज तिवारी का कहना है कि शिकायत मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
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इन्होंने किया था निवेश
भावाखेड़ा के आशीष सिंह के 65 लाख व उनके रिश्तेदारों के मिलाकर दो करोड़ रुपये, विशाल गुप्ता ने 90 हजार, संजीव गुप्ता ने 24 हजार, अभिषेक गुप्ता ने एक लाख, अमित गुप्ता ने 70 हजार, अनूप गुप्ता ने दो लाख, मनोज गुप्ता ने 60 हजार, देवेंद्र सैनी ने 50 हजार, आदर्श गुप्ता ने 1.70 लाख, लालपुर के मुकेश ने 4.11 लाख, पंकज ने 15 हजार, मनोज ने 1.50 लाख, शिवम ने 42 हजार, राजन ने 24 हजार, मो. साहिल ने 1.09 लाख, अमरेश चौरसिया ने 40 हजार, विशाल ने 12 हजार, जुलेखा बानो ने 40 हजार, अनुज यादव ने 58 हजार, मो. इरशाद ने 90 हजार रुपये निवेश किए थे।
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मैनेजर का छोड़ दिया था पुलिस ने
शनिवार को बीकेटी के अस्ती रोड पर स्थित कंपनी का दफ्तर भी बंद कर दिया गया था। खबर पाकर निवेशक जमा हो गए थे। थाने पर लिखित शिकायत दी है। ब्रांच मैनेजर को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, पर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।