यूपी: महिलाएं भी कर सकेंगी नाइट शिफ्ट, सरकार प्लान कर रही तैयार
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केंद्र सरकार के बाद यूपी सरकार भी श्रम कानूनों को सरल बनाने में जुट गई है। इसके लिए बुधवार को विधानसभा में 12 विधेयक पेश किए गये। सरकार ने वैश्वीकरण, उदारीकरण और प्रतिस्पर्धा के माहौल को देखते हुए लघु उद्योगों व ठेकेदारों को राहत देने की कोशिश की है।
कुछ स्थानों पर महिलाओं को नाइट शिफ्ट काम करने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मजदूरों को वेतन का भुगतान अब बैंकों के जरिये किया जाएगा।
इन्हीं मामलों को लेकर श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने बुधवार को सदन में 12 विधेयक पेश किए। इनमें से कई विधेयक केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में संशोधन के चलते लाने पड़े हैं। इनके जरिये जहां श्रमिकों की सेवा शर्तों में बदलाव किया गया है वहीं औद्योगिक विवाद के निपटारे को सरल बनाने की भी योजना है।
मजदूरी संदाय (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017 में प्रावधान किया गया है कि औद्योगिक या किसी अन्य प्रतिष्ठान का नियोक्ता अपने कर्मचारियों को वेतन का बैंक, चेक, इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर या इलेक्ट्रानिक क्लीयरिंग से सीधे उनके खातों में कर सकेगा। नकद भुगतान के लिए श्रमिक को लिखित अनुरोध देना पड़ेगा।
तीन माह में होगा अधिकतम पांच हजार का भुगतान
ऐसी स्थिति में भी तीन माह में अधिकतम पांच हजार रुपये का भुगतान ही किया जा सकेगा। कारखाना अधिनियम की कुछ धाराओं में संशोधन का प्रस्ताव है।
दो इकाइयां पहले 10 या अधिक श्रमिकों की संख्या पर श्रम कानूनों के दायरे में आती थीं, अब इसकी संख्या बढ़कर 20 की जा रही है। इसी तरह 20 की संख्या को बढ़ाकर 40 किया गया है।
मोटर परिवहन में लगे कर्मियों की सुविधाएं बढ़ेगी
मोटर परिवहन में लगे कर्मचारियों के काम की शर्तों के विभिन्न पहलुओं जैसे, कार्य एवं मजदूरी, चिकित्सा एवं कल्याणकारी सुविधाओं, काम के घंटों, अवकाश आदि को नियमित करने के लिए सरकार ने मोटर परिवहन कर्मकार अधिनियम में संशोधन किया है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उनके रजिस्ट्रेशन व अन्य सुविधाओं को आसान बनाने के लिए मोटर परिवहन कर्मकार (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017 पेश किया गया है।
ये विधेयक किए पेश
अंतर्राज्यिक प्रवासी कर्मकारी (नियोजन एवं विनियन और सेवा शर्त) (उत्तर प्रदेश ) विधेयक, औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, मजदूरी संदाय (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, कारखाना (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान (संशोधन) विधेयक, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा शर्त विनियमन) (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, विक्रय संवर्धन कर्मचारी (सेवा शर्त) (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद (संशोधन) विधेयक, समान पारिश्रमिक (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, मोटर परिवहन कर्मकार (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, न्यूनतम मजदूरी (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, ठेका श्रम विनियमन और उत्पादन) (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक।