एनआईए ने शुरू की विधानसभा में विस्फोटक मिलने की जांच, एटीएस से मांगी डिटेल
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यूपी विधानसभा में संदिग्ध पीईटीएन पाए जाने की जांच एनआईए ने शुरू कर दी है और मामले पर यूपी एटीएस से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, एनआईए ने केस दर्ज कर दिल्ली और लखनऊ की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
एजेंसी ने एटीएस से अब तक की गई जांच का ब्योरा देने को कहा है। टीम शुक्रवार को विधानसभा में विस्फोटक मिलने वाली जगह की जांच करेगी।
इस मामले का जांच अधिकारी दिल्ली एनआईए के एसपी अतुल गोयल को बनाया गया है। लखनऊ में एनआईए के एसपी दीपक कुमार को उनकी मदद में लगाया गया है।
14 जुलाई को हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद यह केस एटीएस को स्थानांतरित कर दिया गया था।
150 ग्राम मिला था संदिग्ध पाउडर
यूपी विधानसभा में 12 जुलाई को सुबह नौ बजे सफाई के दौरान सीट नंबर 80 के कुशन के नीचे से 150 ग्राम संदिग्ध पदार्थ मिला था। इसे लखनऊ फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया था जहां उसे खतरनाक प्लास्टिक विस्फोटक पीईटीएन बताया गया था।
इसे मुख्यमंत्री ने 14 जुलाई को विधानसभा में इसे खतरनाक साजिश करार देते हुए एनआईए से जांच कराए जाने का एलान किया था। इसी दिन गृह विभाग ने केंद्र सरकार को एनआईए से जांच कराने के लिए पत्र भेज दिया था।
लेकिन तीन दिन बाद आगरा लैब से आई कथित रिपोर्ट ने संदिग्ध पदार्थ के पीईटीएन होने पर सवाल ही खड़ा कर दिया। इस रिपोर्ट को लेकर काफी बवाल हुआ लेकिन आज तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। गृह विभाग की ओर से कहा गया था कि कोई जांच आगरा भेजी ही नहीं गई है।
मामले पर गृहमंत्रालय का आदेश मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है। मंत्रालय ने मामले में जांच जल्दी पूरी करने का आदेश दिया है।