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नियमावली में होगा बदलाव: एनएचएम कर्मियों को नियमित भर्ती में मिलेगा 15 फीसदी भारांक, आयु में पांच साल की छूट
Mon, 26 Oct 2026 10:07 AM IST
Bhupendra Singh
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
चंद्रभान यादव, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 26 Oct 2026 10:07 AM IST
सार
यूपी में एनएचएम कर्मियों को नियमित भर्ती में 15 फीसदी तक भारांक मिलेगा। साथ ही अधिकतम आयु सीमा में पांच साल की छूट मिलेगी। इसके लिए भर्ती नियमावली में बदलाव होगा। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में कमेटी बनाई गई है।
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एनएचएम
- फोटो : संवाद
विस्तार
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत सभी कर्मचारियों को नियमित भर्ती में छूट मिलेगी। विभागीय भर्ती में 15 फीसदी तक भारांक और अधिकतम उम्र सीमा में पांच साल की छूट देने की तैयारी है। इसके लिए भर्ती नियमावली में बदलाव होगा।
प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 85 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, कम्यूनिस्ट हेल्थ आफिसर(सीएचओ), फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, कार्यक्रम प्रबंधक सहित करीब 278 कैडर हैं। ये मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संचारी रोग, गैर संचारी रोग, आपातकालीन सेवाएं, राष्ट्रीय कार्यक्रम आदि में भूमिका निभा रहे हैं।
कोविड 19 महामारी में भी इनकी अहम भूमिका रही है। तमाम कर्मचारी करीब 15 साल से विभाग में कार्य कर रहे हैं। समय- समय पर विभाग की ओर से इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन कर्मचारियों को नियमित भर्ती में वरीयता देने की तैयारी में है।
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इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डा. पिंकी जोवल ने विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी को प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के बाद विभाग में कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी पूरी स्थिति का अध्ययन करके रिपोर्ट देगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी सेवा (वरीयत एवं हित संरक्षण नियमावली 2026) तैयार किया जाएगा। कैबिनेट से मुहर लगते ही एनएचएम कर्मियों को नियमित भर्ती में लाभ मिलने लगेगा।
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प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत करीब 85 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, कम्यूनिस्ट हेल्थ आफिसर(सीएचओ), फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, कार्यक्रम प्रबंधक सहित करीब 278 कैडर हैं। ये मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, संचारी रोग, गैर संचारी रोग, आपातकालीन सेवाएं, राष्ट्रीय कार्यक्रम आदि में भूमिका निभा रहे हैं।
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कोविड 19 महामारी में भी इनकी अहम भूमिका रही है। तमाम कर्मचारी करीब 15 साल से विभाग में कार्य कर रहे हैं। समय- समय पर विभाग की ओर से इन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग इन कर्मचारियों को नियमित भर्ती में वरीयता देने की तैयारी में है।
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इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डा. पिंकी जोवल ने विभाग की प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी को प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के बाद विभाग में कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी पूरी स्थिति का अध्ययन करके रिपोर्ट देगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी सेवा (वरीयत एवं हित संरक्षण नियमावली 2026) तैयार किया जाएगा। कैबिनेट से मुहर लगते ही एनएचएम कर्मियों को नियमित भर्ती में लाभ मिलने लगेगा।