यूपी: जीत की हैट्रिक के लिए शाह की मौजूदगी में बनेगा विशेष प्लान, संगठन की ताकत के साथ बूथ प्रबंधन पर चर्चा
Amit Shah Lucknow Visit: चुनावी तैयारियों और विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे तमाम नाकारात्मक नरैटिव की धार कुंद करने को लेकर भाजपा कार्यसमिति में पुख्ता रणनीति का भी खाका तैयार करेगी।
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विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती के बीच भाजपा की 30 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को लेकर पार्टी ने तैयारियां कर दी है। इसी कड़ी में रविवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिह ने पदाधिकारियों के साथ बैठक करके 30 अक्तूबर को होने वाली कार्यसमिति की तैयारियों की समीक्षा किया।
अगले साल होने वाले विधानसभा से पहले हो रही यह कार्यसमिति प्रदेश भाजपा के साथ ही सरकार की सत्ता में वापसी के लिहाज से भी अहम है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होने वाली बैठक में मिशन-2027 की तैयारियों, संगठन की मजबूती और चुनावी चुनौतियों पर चर्चा की संभावना है। शाह की उपस्थिति से बैठक का महत्व बढ़ गया है। हालांकि, उनके संबोधन और बैठक के एजेंडे को लेकर अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
माना जा रहा है कि चुनावी तैयारियों और विपक्ष की ओर से फैलाए जा रहे तमाम नाकारात्मक नरैटिव की धार कुंद करने को लेकर भाजपा कार्यसमिति में पुख्ता रणनीति का भी खाका तैयार करेगी। इस बैठक के जरिए प्रदेश संगठन की तैयारियों, क्षेत्रवार चुनौतियों और बूथ स्तर पर सक्रियता को लेकर नेतृत्व की प्राथमिकताएं सामने आ सकती हैं। भाजपा के लिए चुनौती संगठनात्मक गतिविधियों को चुनावी नतीजों में बदलने की है। ऐसे में कमजोर क्षेत्रों में पकड़ मजबूत करने, असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को साथ रखने और स्थानीय स्तर पर समन्वय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी मंथन होगा।
बता दें कि कार्यसमिति से पहले 29 अक्तूबर को भी प्रदेश पदाधिकारियों की एक बड़ी बैठक होगी। जिसमें अगले दिन यानि 30 अक्तूबर को होने वाली कार्यसमिति की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कार्यसमिति की बैठक राजधानी स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में प्रस्तावित है। इसमें अमित शाह के अलावा स्थानीय सांसद होने के नाते रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, चारों सह प्रभारी और प्रदेश संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे।
हैट्रिक के लिए बूथवार जातीय समीकरण साधेगी भाजपा
यूपी की सत्ता में हैट्रिक लगाने के लक्ष्य के साथ भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बूथ प्रबंधन को माइक्रो मैनेजमेंट के स्तर पर मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अब सभी क्षेत्रों में एक जैसी रणनीति के बजाय स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों, जातीय समीकरणों और क्षेत्रवार चुनौतियों के आधार पर बूथ प्रबंधन का अलग-अलग खाका तैयार करेगी। चुनावी मुकाबले में बढ़त बनाए रखने के लिए पार्टी का जोर केवल मतदाताओं तक पहुंचने पर नहीं, बल्कि उनकी नाराजगी दूर कर हर समर्थकों के वोट सहेजने पर भी होगा। भाजपा की रणनीति में क्षेत्रीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों की अहम भूमिका होगी।
इसके तहत अलग-अलग जातियों और सामाजिक वर्गों के बीच संवाद व संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ केंद्रित बनाने की तैयारी है। पार्टी का फोकस सामाजिक वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने व उनकी अपेक्षाओं को समझने पर भी रहेगा। स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली शिकायतों व कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए संगठनात्मक तंत्र को सक्रिय करने की जरूरत होगी। इसके पीछे मकसद यह है कि चुनाव से पहले असंतोष को कम किया जाए और उसका मतदान के दिन पार्टी की संभावनाओं पर असर न पड़े।