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Lucknow News: सीएचसी में लापरवाही से नवजात की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
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प्रतीकात्मक।
नगराम। सीएचसी में बृहस्पतिवार रात प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही व वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में आरोप सही मिलने पर स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मदारपुर करोरा निवासी अजय कुमार पत्नी राधा (25) को प्रसव के लिए बृहस्पतिवार दोपहर करीब 3:30 बजे सीएचसी नगराम लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि पहले तो ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। परिजनों ने काफी मिन्नतें की, तो स्टाफ ने राधा को भर्ती किया। पति का आरोप है कि रात 11:10 तक काेई भी डॉक्टर व स्टाफ झांकने तक नहीं आया। इसी बीच दर्द से तड़प रही राधा ने बच्चे को जन्म दिया।
परिजनों का ये भी आरोप है कि ग्रामीणों के दबाव और बार-बार गुहार लगाने के बाद नर्स मंजू शर्मा मौके पर पहुंचीं। इस दौरान नवजात की हालत बिगड़ चुकी थी। इसके बावजूद दो घंटे तक न तो सही इलाज मिला और न ही एंबुलेंस सुविधा दी गई। 102 एंबुलेंस सेवा पर भी कई बार कॉल करने के बावजूद सहायता नहीं मिली। परिजनों के अनुसार, सीएचसी परिसर में 102 और 108 एंबुलेंस खड़ी थीं, फिर भी कोई वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। इस पर शुक्रवार सुबह चार बजे निजी वाहन से प्रसूता और नवजात को मोहनलालगंज के संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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अजय कुमार ने नर्स मंजू शर्मा पर 2,000 रुपये की वसूली का भी आरोप लगाया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि गर्भवती की रात में सामान्य डिलीवरी हुई थी। नवजात की तबीयत ठीक न होने के कारण उसे अवंतीबाई अस्पताल रेफर किया गया था। सरकारी वाहन उपलब्ध न होने पर परिजन निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को निजी अस्पताल लेकर चले गए।
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मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिले तो संबंधित स्टाफ व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। एंबुलेंस मुहैया न कराना गंभीर मामला है।
- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
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मदारपुर करोरा निवासी अजय कुमार पत्नी राधा (25) को प्रसव के लिए बृहस्पतिवार दोपहर करीब 3:30 बजे सीएचसी नगराम लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि पहले तो ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने भर्ती करने से मना कर दिया। परिजनों ने काफी मिन्नतें की, तो स्टाफ ने राधा को भर्ती किया। पति का आरोप है कि रात 11:10 तक काेई भी डॉक्टर व स्टाफ झांकने तक नहीं आया। इसी बीच दर्द से तड़प रही राधा ने बच्चे को जन्म दिया।
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परिजनों का ये भी आरोप है कि ग्रामीणों के दबाव और बार-बार गुहार लगाने के बाद नर्स मंजू शर्मा मौके पर पहुंचीं। इस दौरान नवजात की हालत बिगड़ चुकी थी। इसके बावजूद दो घंटे तक न तो सही इलाज मिला और न ही एंबुलेंस सुविधा दी गई। 102 एंबुलेंस सेवा पर भी कई बार कॉल करने के बावजूद सहायता नहीं मिली। परिजनों के अनुसार, सीएचसी परिसर में 102 और 108 एंबुलेंस खड़ी थीं, फिर भी कोई वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। इस पर शुक्रवार सुबह चार बजे निजी वाहन से प्रसूता और नवजात को मोहनलालगंज के संजीवनी अस्पताल ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।
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अजय कुमार ने नर्स मंजू शर्मा पर 2,000 रुपये की वसूली का भी आरोप लगाया है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि गर्भवती की रात में सामान्य डिलीवरी हुई थी। नवजात की तबीयत ठीक न होने के कारण उसे अवंतीबाई अस्पताल रेफर किया गया था। सरकारी वाहन उपलब्ध न होने पर परिजन निजी वाहन से जच्चा-बच्चा को निजी अस्पताल लेकर चले गए।
मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिले तो संबंधित स्टाफ व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। एंबुलेंस मुहैया न कराना गंभीर मामला है।
- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ