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गोमती में सीधे गिरने से रोका जाएगा 67 एमएलडी गंदा पानी, सात नालों पर ही बायोरेमेडिएशन से पानी को साफ करने की लगेगी तकनीक
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गोमती नदी में सीवर के पानी के गिरने से होने वाले प्रदूषण में कमी लाने के लिए नगर निगम सात नालों पर बायोरेमेडिएशन तकनीक से गंदे पानी को साफ करेगा। इसके लिए जुलाई से नालों पर गंदे पानी को साफ करने के लिए तकनीक लगाने का काम शुरू हो जाएगा। इस काम पर नगर निगम एक साल में करीब 2.22 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
मुख्य अभियंता महेश वर्मा के मुताबिक करीब 67.42 एमएलडी गंदे पानी को इस गैर परंपरागत तकनीक से शोधित कर नदी में डाला जा सकेगा। यह गंदा पानी बिना शोधित हुए इन सात नालों से सीधे नदी में गिरता है। प्रोजेक्ट में शामिल होने वाली कार्यदायी संस्था को बायोरेमेडिएशन तकनीक का अन्य विकल्प चुनने की छूट होगी, लेकिन उसके दूसरे जगह पहले ही उपयोग कर सफल होने की जानकारी देनी होगी। आवश्यक अनुमति के बाद ही नई तकनीक को उपयोग करने के लिए आदेश दिया जा सकेगा। वहीं इन नालों से आने वाले पानी में 70 प्रतिशत तक प्रदूषण कारक कम करने की अनिवार्यता होगी। इसकी जांच समय-समय पर होती रहेगी। इसके बाद ही नदी में पानी गिराने की अनुमति होगी।
अभी 32 नाले गोमती में गिर रहे
अभी करीब 32 नाले गोमती नदी में आंशिक या पूरी तरह गिर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अभी संचालित भरवारा और दौलतगंज एसटीपी की क्षमता से अधिक सीवरेज लखनऊ में उत्पन्न हो रहा है। वहीं सभी नालों को टेप कर एसटीपी तक भी नहीं ले जाया जा रहा है।
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इस तरह कम होगा प्रदूषण :
नाला मौजूदा डिस्चार्ज
बरीकलां 0.65 एमएलडी
फैजुल्लागंज अपस्ट्रीम 11.58 एमएलडी
फैजुल्लागंज डाउनस्ट्रीम 5.5 एमएलडी
सहारा शहर 8.68 एमएलडी
गोमतीनगर 29.6 एमएलडी
गोमतीनगर विस्तार 5.4 एमएलडी
घैला 6.01 एमएलडी
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मुख्य अभियंता महेश वर्मा के मुताबिक करीब 67.42 एमएलडी गंदे पानी को इस गैर परंपरागत तकनीक से शोधित कर नदी में डाला जा सकेगा। यह गंदा पानी बिना शोधित हुए इन सात नालों से सीधे नदी में गिरता है। प्रोजेक्ट में शामिल होने वाली कार्यदायी संस्था को बायोरेमेडिएशन तकनीक का अन्य विकल्प चुनने की छूट होगी, लेकिन उसके दूसरे जगह पहले ही उपयोग कर सफल होने की जानकारी देनी होगी। आवश्यक अनुमति के बाद ही नई तकनीक को उपयोग करने के लिए आदेश दिया जा सकेगा। वहीं इन नालों से आने वाले पानी में 70 प्रतिशत तक प्रदूषण कारक कम करने की अनिवार्यता होगी। इसकी जांच समय-समय पर होती रहेगी। इसके बाद ही नदी में पानी गिराने की अनुमति होगी।
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अभी 32 नाले गोमती में गिर रहे
अभी करीब 32 नाले गोमती नदी में आंशिक या पूरी तरह गिर रहे हैं। इसकी वजह यह है कि अभी संचालित भरवारा और दौलतगंज एसटीपी की क्षमता से अधिक सीवरेज लखनऊ में उत्पन्न हो रहा है। वहीं सभी नालों को टेप कर एसटीपी तक भी नहीं ले जाया जा रहा है।
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इस तरह कम होगा प्रदूषण :
नाला मौजूदा डिस्चार्ज
बरीकलां 0.65 एमएलडी
फैजुल्लागंज अपस्ट्रीम 11.58 एमएलडी
फैजुल्लागंज डाउनस्ट्रीम 5.5 एमएलडी
सहारा शहर 8.68 एमएलडी
गोमतीनगर 29.6 एमएलडी
गोमतीनगर विस्तार 5.4 एमएलडी
घैला 6.01 एमएलडी