फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   new rate of medicine

क्रिसमस से 600 से अधिक दवाएं हो जाएगी सस्ती

Mon, 16 Dec 2013 02:15 AM IST
अमित यादव/लखनऊ
अमित यादव/लखनऊ Updated Mon, 16 Dec 2013 02:15 AM IST
विज्ञापन
new rate of medicine

इस क्रिसमस सुप्रीम कोर्ट ने मरीजों के लिए भी सौगातों का खजाना खोलेगा। 25 दिसंबर से बीमारियों के इलाज पर आने वाला खर्च आधे से भी कम हो जाएगा।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नेशनल एसेंशियल ड्रग लिस्ट (एनईडीएल) में शामिल 620 दवाओं के दाम कम होने से ये उम्मीद जगी है।

348 साल्ट से बनायी जाने वाली ये दवाएं इलाज में सबसे ज्यादा प्रयोग की जाती हैं। मरीजों की हित में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इन दवाओं के दाम एनडीपीओ के अनुसार कम करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


इससे दवाओं के दाम 40 से 60 फीसदी तक कम हो जाएंगे। क्रिसमस डे से इस लिस्ट में शामिल सभी दवाओं को घटे हुए दामों पर ही बेचना होगा। चाहे उन पर पुराने बढ़े हुए रेट ही लिखे हों। बढ़े हुए रेट पर दवाएं बेचने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इलाज के दौरान महंगी दवाओं के बोझ से परेशान मरीजों और उनके परिवारों के लिए अच्छी खबर है। नए ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (एनडीपीओ-2013) के कारण दवाओं के दाम में भारी कमी हो जाएगी।

नेशनल एसेंशियल ड्रग लिस्ट (एनईडीएल) में शामिल इन दवाओं के दाम कम किए जाने के केंद्र सरकार के आदेश के बाद 28 अगस्त के बाद 350 तरह की दवाओं के मूल्य कम किए गए थे।


इनमें एंटीबायोटिक से लेकर बीपी, पेट दर्द तक की दवाएं शामिल थीं। इन दवाओं का नए ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ) के तहत नए सिरे से मूल्य निर्धारण किया गया है।

अभी तक कंपनियां अपने हिसाब से दवाओं के रेट रखती थी। एक ही साल्ट की अलग-अलग ब्रांड की दवाओं में जमीन-आसमान का अंतर होता था।

15 मई को डीपीसीओ के आदेश के बाद 14 जून को 151 दवाओं, 21 जून को 26, 28 जून को 51, 5 जुलाई को 25 और 22 जुलाई को 26 दवाओं का मूल्य निर्धारण किया गया।

नई खेप उतारने को 45-45 दिन का समय दिया गया। जब इस दौरान भी दवाओं पर कम रेट नहीं प्रिंट हो पाए तो फिर 30-30 अतिरिक्त दिनों का वक्त दिया गया।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगभग 348 साल्ट से बनी 620 दवाओं को कम दाम पर बेचना होगा। राजधानी केदवा विक्रेताओं की मानें तो रेट कम होने का असर ब्रांडेड कंपनियों पर ज्यादा पड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed