फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   New policy for jobs in Uttar Pradesh.

यूपी में खत्म होगी बेरोजगारी, सरकार देगी बड़ी सौगात

Sat, 09 Jan 2016 11:06 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Jan 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
New policy for jobs in Uttar Pradesh.

तीन साल से बेरोजगारी भत्ते को ठंडे बस्ते में डालकर बैठी सूबे की सरकार चुनाव के पहले बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार का रास्ता दिखाएगी। 2016-17 के आम बजट में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम अखिलेश यादव सरकार की बेरोजगार युवाओं के लिए नई सौगात होगी।

विज्ञापन


इस योजना में शिक्षित बेरोजगारों को उद्योग क्षेत्र की 25 लाख रुपये तक की सूक्ष्म इकाइयों के लिए लागत का 25 प्रतिशत, अधिकतम 6.25 लाख और सेवा क्षेत्र की 10 लाख रुपये तक की इकाइयों के लिए लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 2.5 लाख रुपये मार्जिन मनी सरकार उपलब्ध कराएगी।
विज्ञापन


यूनिट ने यदि दो साल तक सफलता पूर्वक उत्पादन किया तो सरकार से मिलने वाली यह मार्जिन मनी स्वरोजगार करने वाले को अनुदान के रूप में दे दी जाएगी। इसके अलावा दो वर्ष तक मार्जिन मनी जमा रहने के दौरान स्वरोजगार करने वाले से इस पर कोई ब्याज नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह मिलेगा ऋण

New policy for jobs in Uttar Pradesh.

योजना में आवेदन लेने से लेकर प्रस्ताव मंजूर करने या निरस्त करने की कार्यवाही तय समय के भीतर करनी होगी। प्रस्ताव निरस्त करते समय लिखित कारण बताने होंगे। बैंकों को भी ऋण मंजूर होने के एक महीने के भीतर ऋण जारी करना होगा।

सरकार को उम्मीद है कि इससे कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखने वाले साधनहीन युवाओं को आगे बढ़ने का बड़ा मौका मिलेगा।

हालांकि उद्योग की स्थापना के लिए सामान्य श्रेणी के युवकों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, सभी वर्ग की महिलाओं और निशक्तों को 5 प्रतिशत पूंजी का बंदोबस्त अपने स्तर से करना होगा। मार्जिन मनी और अंशदान की पूंजी जोड़कर बाकी रकम बैंक से ऋण के रूप में मिलेगी। प्रस्ताव में इसकी प्रक्रिया तय की गई है।

इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की होगी। पूरी योजना आनलाइन प्रक्रिया के तहत लागू की जाएगी।

नहीं ली जाएगी कोई सिक्योरिटी

New policy for jobs in Uttar Pradesh.

योजना का मुख्य आकर्षण ये है कि बैंक लाभार्थियों से किसी तरह की सिक्योरिटी की मांग नहीं कर सकेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के निर्देशानुसार वे बैंक क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज के माध्यम से ऋण की गारंटी प्राप्त कर सकेंगे।

पहले साल 3520 बेरोजगारों को मिलेगा मौका

सरकार यह योजना अपने खजाने से चालू करने जा रही है, लिहाजा इसकी अपनी सीमाएं भी हैं। सरकार ने 2016-17 से पांच वर्ष के लिए यह योजना बनाई है। इसके अंतर्गत हर साल 3520 शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार से जोड़ना है।

हर साल 20 प्रतिशत की दर से लाभार्थी बढ़ाने का लक्ष्य होगा। इस तरह पहले साल 3520, दूसरे साल 4160, तीसरे साल 4992, चौथे साल 5990 और पांचवें साल 7188 बेरोजगार युवा इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

2016-17 के लिए 102.90 करोड़ की मांग

New policy for jobs in Uttar Pradesh.

आयुक्त एवं निदेशक उद्योग कानपुर, नीना शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम का प्रस्ताव 2016-17 से 2020-21 तक के लिए तैयार कराया गया है। इसमें वित्त वर्ष 2016-17 के लिए 102.90 करोड़ की मांग की गई है।

इसी तरह दूसरे साल के लिए 123.46 करोड़, तीसरे साल के लिए 148.15 करोड़, चौथे साल 177.78 करोड़ और पांचवें साल 212.99 करोड़ रुपये के प्रस्ताव का खाका पेश किया गया है।

योजना के लिए ये होंगे पात्र
- 18 से 40 वर्ष के युवा।
- शैक्षिक योग्यता : न्यूनतम हाईस्कूल।
- लाभार्थी किसी राष्ट्रीय बैंक, वित्तीय या सहकारी संस्था का डिफाल्टर न हो।

- प्रधानमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री रोजगार योजना व अन्य किसी योजना में लाभ न प्राप्त किया हो।

- लाभार्थी को केवल एक बार और उसके परिवार के किसी एक सदस्य को योजना का लाभ दिया जा सकेगा।

टास्क फोर्स करेगी उद्यमियों का चयन

New policy for jobs in Uttar Pradesh.

अध्यक्ष - उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग केंद्र, सह अध्यक्ष-अग्रणी जिला प्रबंध
सदस्य- वित्त पोषण करने वाले तीन प्रमुख बैंकों के जिला समन्वयक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, जिला सेवायोजन अधिकारी, विशेष आमंत्रित सदस्य- प्राचार्य पॉलीटेक्निक/आईटीआई , सदस्य सचिव- सहायक आयुक्त उद्योग जिला उद्योग केंद्र।

पीएम-रोजगार सृजन कार्यक्रम का विकल्प
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम चलाती है। यह जिला उद्योग केंद्र, राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड और केंद्र सरकार के खादी ग्रामोद्योग आयोग के संयुक्त सहभागिता पर चलती है। इसमें ये तीनों क्रमश: 40:30:30 के अनुपात में हिस्सेदार हैं।

इस योजना से केंद्र सरकार हर साल 100-150 करोड़ रुपये देती है। इसमें 25 लाख तक की परियोजनाओं की स्थापना पर 15 से 35 प्रतिशत तक मार्जिन मनी अनुदान देने की व्यवस्था है।

लघु उद्योग विभाग का कहना है कि इस योजना से बहुत ही सीमित संख्या में लोग लाभ पा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा स्वरोजगार के अवसर से वंचित रह जाते हैं। नई योजना इसी के विकल्प में लाई गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed