{"_id":"5d4f27e58ebc3e6cdc3ace69","slug":"new-measures-have-been-taken-for-controling-blood-infection-lucknow-news-lko4758070105","type":"story","status":"publish","title_hn":"डायलिसिस वाले मरीजों को नहीं चढेगा बाहरी खून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायलिसिस वाले मरीजों को नहीं चढेगा बाहरी खून
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डायलिसिस वाले मरीजों को नहीं चढ़ाया जाएगा ‘बाहरी’ खून
एचआईवी पॉजिटिव और हेपेटाइटिस के मरीजों का डायलाइजर उसी दिन कराया जाएगा नष्ट
केजीएमयू में डायलिसिस कराने वाले मरीजों को बाहरी ब्लड बैंक से लिया गया रक्त नहीं चढाया जाएगा। कोई मरीज बाहर का ब्लड चढ़वाता है तो उसकी डायलिसिस कराने से पहले जांच कराई जाएगी। इसी तरह एचआईवी पॉजिटिव और हेपेटाइटिस पॉजिटिव वाले मरीजों के डायलाइजर उसी दिन शाम को नष्ट कराए जाएंगे।
केजीएमयू में महिला मरीज के डायलिसिस के बाद एचआईवी पॉजिटिव होने केमामले को पांच अगस्त को ‘अमर उजाला’ ने उजागर किया था। खबर के छपने के बाद केजीएमयू में हलचल मच गई। सीएमएस प्रोफेसर एसएन शंखवार ने डायलिसिस यूनिट से मरीजों का ब्यौरा तलब किया। उन्होंने निर्देश दिया है कि एचआईवी पॉजीटिव और हेपेटाइटिस वाले मरीजों का डाइलाइजर उसी दिन नष्ट कर दिया जाए। दोबारा उनकी डायलिसिस करनी हो तो नया लगाया जाएगा।
इस संबंध में प्रतिदिन सीएमएस को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। इसी तरह डायलिसिस वाले मरीज को यदि खून की जरूरत पड़ती है तो बाहर से मंगाया जाने वाला खून नहीं चढ़ाया जाएगा। उसे सिर्फ केजीएमयू के ब्लडबैंक का खून चढाया जाएगा। सीएमएस ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था की गई है। मरीजों के डोनर केजीएमयू के ब्लड बैंक में रक्तदान करके जरूरत के मुताबिक संबंधित ग्रूप का ब्लड ले सकेंगे। इस संबंध में ब्लड बैंक को भी पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एचआईवी पॉजिटिव और हेपेटाइटिस के मरीजों का डायलाइजर उसी दिन कराया जाएगा नष्ट
केजीएमयू में डायलिसिस कराने वाले मरीजों को बाहरी ब्लड बैंक से लिया गया रक्त नहीं चढाया जाएगा। कोई मरीज बाहर का ब्लड चढ़वाता है तो उसकी डायलिसिस कराने से पहले जांच कराई जाएगी। इसी तरह एचआईवी पॉजिटिव और हेपेटाइटिस पॉजिटिव वाले मरीजों के डायलाइजर उसी दिन शाम को नष्ट कराए जाएंगे।
केजीएमयू में महिला मरीज के डायलिसिस के बाद एचआईवी पॉजिटिव होने केमामले को पांच अगस्त को ‘अमर उजाला’ ने उजागर किया था। खबर के छपने के बाद केजीएमयू में हलचल मच गई। सीएमएस प्रोफेसर एसएन शंखवार ने डायलिसिस यूनिट से मरीजों का ब्यौरा तलब किया। उन्होंने निर्देश दिया है कि एचआईवी पॉजीटिव और हेपेटाइटिस वाले मरीजों का डाइलाइजर उसी दिन नष्ट कर दिया जाए। दोबारा उनकी डायलिसिस करनी हो तो नया लगाया जाएगा।
विज्ञापन
इस संबंध में प्रतिदिन सीएमएस को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। इसी तरह डायलिसिस वाले मरीज को यदि खून की जरूरत पड़ती है तो बाहर से मंगाया जाने वाला खून नहीं चढ़ाया जाएगा। उसे सिर्फ केजीएमयू के ब्लडबैंक का खून चढाया जाएगा। सीएमएस ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए यह नई व्यवस्था की गई है। मरीजों के डोनर केजीएमयू के ब्लड बैंक में रक्तदान करके जरूरत के मुताबिक संबंधित ग्रूप का ब्लड ले सकेंगे। इस संबंध में ब्लड बैंक को भी पत्र भेज दिया गया है।
विज्ञापन