UP News: यूपी वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, बिजली की नई दरें लागू, इस साल भी नहीं बढ़ेगा बिल
यूपी में बिजली की नई दरें लागू कर दी गई हैं। इस साल भी बिजली का बिल नहीं बढ़ेगा। उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष भी बिजली दरें नहीं बढ़ेंगी। लगातार सातवें साल भी बिजली दरें नहीं बढ़ाने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य बन गया है। यहां वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी पहले से निर्धारित दरों पर ही बिजली बिल लिया जाएगा। इस संबंध में विद्युत नियामक आयोग ने बुधवार को घोषणा कर दी है।
बिजली कंपनियों की ओर से पावर कार्पोरेशन ने वर्ष 2026-27 के लिए 1,18,742 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर ) दाखिल किया था। नियामक आयोग ने विभिन्न मदों में कटौती करते हुए 1,13,785 करोड़ रुपये निर्धारित किया। कार्पोरेशन ने 16448 करोड़ के अंतर को बताते हुए बिजली दरें बढ़ाने की मांग की। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने तर्क दिया कि बिजली दरें बढ़ाने से पहले उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर सरप्लस करीब 51 हजार करोड़ रुपये लौटाया जाए।
नई विद्युत दरों की घोषणा
इसी तरह नियामक आयोग ने सब्सिडी को अलग रखते हुए 90,805 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व निर्धारित किया है, जबकि राज्य सरकार की सब्सिडी शामिल करने पर वर्तमान टैरिफ के आधार पर सभी बिजली कंपनियों को 1,11,205 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। सभी पक्षों को सुनने के बाद बुधवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार एवं सदस्य संजय कुमार सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई विद्युत दरों की घोषणा की।
टैरिफ आदेश में साफ किया कि बिजली दरें यथावत रहेंगी। आयोग से इस निर्देश से करीब 3.80 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधे फायदा मिला है। साथ ही उत्तर प्रदेश का नया रिकॉर्ड भी बन गया है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां सात वर्ष से बिजली दरें नहीं बढ़ी हैं।
बैटरी स्वैपिंग एवं चार्जिंग स्टेशनों को 20 प्रतिशत की रियासत
विद्युत नियामक आयोग ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों तथा बैटरी चार्जिंग एवं सर्विस चार्जिंग स्टेशनों के लिए सिंगल पार्ट टैरिफ लागू किया है। साथ ही सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बैटरी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत की रियायत दी है।
सब्सिडी में वृद्धि, वितरण हानियां घटाई गईं
राज्य सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के लिए दी जाने वाली सब्सिडी को 17,100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। वहीं, पावर कॉरपोरेशन ने जहां वितरण हानियां 13.71 प्रतिशत प्रस्तावित की थीं, आयोग ने उन्हें घटाकर 12.91 प्रतिशत निर्धारित किया।
नोएडा के उपभोक्ताओं को मिलती रहेगी 10 फीसदी की छूट
नोएडा पावर कंपनी द्वारा अपने क्षेत्र में उपभोक्ताओं को मिलने वाली 10 प्रतिशत रिबेट समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन परिषद के विरोध के बाद आयोग ने यह रियायत वर्ष 2026-27 में भी यथावत रखने का निर्णय लिया।
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