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सीएम की सुरक्षा में लापरवाही : योगी के बेडे में लगी एएलएस एंबुलेंस के पहिए निकले खराब, अफसरों को जांच में मिली खामियां
Thu, 11 Nov 2021 10:06 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 11 Nov 2021 10:06 PM IST
सार
सीएम की सुरक्षा में दो एडवांस लाइफ सपोर्ट की एंबुलेंस लगी हुई है। यह एडवांस लाइफ सपोर्ट में वेंटीलेटर समेत अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। जांच दौरान दोनों एडवांस लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस के टॉयर गड़बड़ मिले।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री की सुरक्षा बेडे में शामिल एएलएस एंबुलेंस के पहिए खराब निकलने से हड़कंप मचा है। परिवहन विभाग की टीम ने जांच दौरान अपनी रिपोर्ट में एंबुलेंस के पहिए मानक अनुरूप न होने की बात लिखी। ऐसे में सीएम की सुरक्षा में लापरवाही सामने आई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी जिम्मेदारों को नोटिस जारी किया गया है। अफसरों का कहना है दोनों एएलएस एंबुलेंस के नए टायर खरीदने जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम की सुरक्षा में दो एडवांस लाइफ सपोर्ट की एंबुलेंस लगी हुई है। यह एडवांस लाइफ सपोर्ट में वेंटीलेटर समेत अत्याधुनिक उपकरणों से लैस है। एएलएस फिटनेस जांच की जांच परिवहन विभाग के अफसरों ने की। जांच दौरान दोनों एडवांस लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस के टॉयर गड़बड़ मिले। टीम ने अपनी रिपोर्ट संबंधित विभाग के अफसरों को भेजी तो इससे हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से स्वास्थ्य महानिदेशक, अपर निदेशक विद्युत, सीएमओ समेत सभी को पत्र भेजकर तत्काल दोनों एंबुलेंस के सभी टॉयर बदले जाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने दोनों गाड़ियों के टॉयर नए डलवाने खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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एएलएस एंबुलेंस की सीएम से हुई थी शिकायत
एडवांस लाइफ स्पोर्ट वाली एंबुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी के खिलाफ एक सामाजिक कार्यकर्ता ने महंगी दर पर संचालन व एंबुलेंस में वेंटीलेटर समेत अन्य उपकरण खराब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। सीएम कार्यालय से शिकायत स्वास्थ्य विभाग अफसरों को जांच दी गई। करीब दो हफ्ते बीतने बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग के अफसर जांच रिपोर्ट दबाए बैठे हैं। ऐसे में कंपनी मनमानी कर रही है। अति गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल से एएलएस एंबुलेंस न मिलने पर वह निजी या सामान्य एंबुलेंस से मरीजों को बड़े संस्थान लेकर पहुंच रहे हैं। इस दौरान वेंटीलेटर स्पोर्ट न होने से कई मरीजों की रास्ते में जान जा रही है।
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एएलएस पूरा कर रही कोटा
प्रदेश में एएलएस एंबुलेंस का बेडा बढ़ाकर 250 कर दिया था। हर जिले में करीब तीन से चार एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस लगाई गई है। इन एंबुलेंस को हर दिन औसतन करीब दो से तीन केस करने होते हैं। एएलएस का कोई भी टोल फ्री नंबर न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीज निजी या बिना वेंटीलेटर स्पोर्ट वाली एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ रहे हैं। वहीं एएलएस का संचालन करने वाली कंपनी अपना हर दिन केस पूरा करने के लिए सामान्य मरीजों को अस्पताल भेजकर पूरा कर रहे हैं। एएलएस संचालन करने वाली कंपनी के यूपी हेड दीपक ने बताया एएलएस एंबुलेंस गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए है।
एएलएस के पहिए जांच में गड़बड़ मिले थे। जिन्हें बदलवा दिया गया है। बताया इन एंबुलेंस के संचालन की जिम्मेदारी सिविल अस्पताल के पास थी।
- डॉ. वेदव्रत सिंह, डीजी हेल्थ