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Lucknow News: हल्दी की ताकत कई गुना बढ़ाने में एनबीआरआई को मिली सफलता
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हल्दी
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लखनऊ। हल्दी के औषधीय गुणों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) को एक नई तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट मिला है। यह तकनीक हल्दी के प्रमुख सक्रिय तत्व करक्यूमिन के शरीर में अवशोषण को कई गुना बढ़ाने में सक्षम है।
हल्दी भारतीय रसोई और आयुर्वेद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, सूजन कम करने और घाव भरने समेत कई औषधीय लाभों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार हल्दी में प्राकृतिक रूप में मौजूद करक्यूमिन का बहुत कम हिस्सा ही शरीर में पहुंच पाता है, जिससे इसके लाभ सीमित रह जाते हैं।
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इस चुनौती को दूर करने के लिए एनबीआरआई के वैज्ञानिकों ने करक्यूमिन को अत्यंत सूक्ष्म कणों में बदलकर एक विशेष नैनो-फॉर्मूलेशन विकसित किया है। संस्थान के निदेशक डाॅ. अजीत कुमार शासनी के अनुसार यह तकनीक करक्यूमिन की प्रभावशीलता और अवशोषण क्षमता को काफी बढ़ा देती है। यह फॉर्मूलेशन हर्बल और फूड-ग्रेड है और इसमें किसी धातु या कृत्रिम रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर मधुमेह प्रबंधन तक में उपयोगी
शोध के दौरान पाया गया कि बेहतर अवशोषित करक्यूमिन शरीर में एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी प्रभाव को मजबूत करता है। यह तनाव और प्रदूषण से होने वाली कोशिकाओं की क्षति कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया के संतुलन को सुधारने में मदद कर सकता है। शोध का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डाॅ. बीएन. सिंह ने बताया कि यह तकनीक भविष्य में मधुमेह, सूजन और पाचन संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में उपयोगी हल्दी-आधारित सप्लीमेंट, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ और हर्बल दवाओं के विकास का आधार बन सकती है।