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Lucknow News: नवरात्र कल से, हस्त नक्षत्र व अभिजित मुहूर्त में करें घट स्थापना
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लखनऊ। अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि तीन अक्तूबर को है और इसी दिन से नवरात्र की शुरुआत हो रही है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दिन हस्त्र नक्षत्र दोपहर में 3:17 मिनट तक है। इंद्र योग और भद्र नामक पंचमहापुरुष योग भी है। इस दिन अभिजित मुहूर्त में सुबह 11:36 बजे से 12:24 बजे के बीच घट स्थापना के लिए सर्वोत्तम काल है।
पंडित धीरेन्द्र पांडेय और एसएस नागपाल के मुताबिक, नवरात्र की खास बात है कि हर दिन भद्र नामक पंचमहापुरुष योग का होना है। इसमें बुध अपनी राशि में केंद्र में होंगे। बुध की मजबूती भाई-बंधु के लिए हितकारक होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सात और आठ अक्तूबर को गज केसरी योग बन रहा है। हाथी जैसी विशालता और शेर जैसी तेजी के प्रभाव वाले इस योग में यश बढ़ेगा। वहीं 10 को लक्ष्मीनारायण योग का संयोग समृद्दि बढ़ाएगा।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, काशी के पंचांग के मुताबिक, इस बार चतुर्थी तिथि की वृद्धि और नवमी तिथि का क्षय हो रहा है। चतुर्थी तिथि दो दिन 6 और सात अक्तूबर को है। महाअष्टमी और महानवमी का व्रत 11 अक्तूबर को होगा।
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पंडित धीरेन्द्र पांडेय और एसएस नागपाल के मुताबिक, नवरात्र की खास बात है कि हर दिन भद्र नामक पंचमहापुरुष योग का होना है। इसमें बुध अपनी राशि में केंद्र में होंगे। बुध की मजबूती भाई-बंधु के लिए हितकारक होगी। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सात और आठ अक्तूबर को गज केसरी योग बन रहा है। हाथी जैसी विशालता और शेर जैसी तेजी के प्रभाव वाले इस योग में यश बढ़ेगा। वहीं 10 को लक्ष्मीनारायण योग का संयोग समृद्दि बढ़ाएगा।
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ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, काशी के पंचांग के मुताबिक, इस बार चतुर्थी तिथि की वृद्धि और नवमी तिथि का क्षय हो रहा है। चतुर्थी तिथि दो दिन 6 और सात अक्तूबर को है। महाअष्टमी और महानवमी का व्रत 11 अक्तूबर को होगा।
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