फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   natural trial started in katarniaghat.

इन छुटिट्यों में यहां उठाइए नेचुरल ट्रायल का मजा

Mon, 29 Dec 2014 09:44 AM IST
अतुल अवस्थी/अमर उजाला, बहराइच
अतुल अवस्थी/अमर उजाला, बहराइच Updated Mon, 29 Dec 2014 09:44 AM IST
विज्ञापन
natural trial started in katarniaghat.

कतर्नियाघाट घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों को नेचुरल ट्रायल के माध्यम से जंगल की सैर कराई जाएगी। इसके लिए ककरहा रेंज में ढाई किलोमीटर वर्ग के इलाके को नेचुरल ट्रायल क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां पर प्राकृतिक और मानव रोपित वनों का अंतर समझाया जाएगा।

विज्ञापन


इसके साथ ही ट्रायल रेंज में पेड़ों पर स्थापित पक्षियों के घोंसले से चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई पड़ेगी। घने जंगल के बीच होने के कारण वन्यजीवों की आवाजें भी रोमांचित करेंगी। इस ट्रायल रेंज में पर्यटक बेखौफ प्राकृतिक सुंदरता का नजदीक से अध्ययन कर सकेंगे।
विज्ञापन


इको टूरिज्म की व्यवस्था से पर्यटकों को लुभाने के बाद अब ककरहा रेंज में नेचुरल ट्रायल रेंज स्थापित की गई है। ढाई वर्ग किलोमीटर का यह रेंज ककरहा रेंज कार्यालय से सटा हुआ है। इस रेंज में नई सड़कें बनाईं गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मानव रोपित और प्राकृतिक वन को स्थापित कर उनके अंतर को भी दिखाया गया। कतर्नियाघाट का भ्रमण करने के लिए आने वाले पर्यटक पूरे जंगल का भ्रमण करने के बजाए अगर ट्रायल रेंज का भ्रमण कर लेंगे तो वह जंगल के बारे में काफी कुछ जान सकेंगे।

दुर्लभ और लुप्त पक्षी भी नजर आएंगे

natural trial started in katarniaghat.

घने जंगल के बीच स्थापित ट्रायल रेंज में दुर्लभ और लुत्प प्राय पक्षियों की चहचहाहट जहां सुरम्यता बढ़ाती है। वहीं कुसुम, बरगद, बेल, प्राकृतिक तालाब मनोरमता में चार चांद लगा रहे हैं। घने जंगल के बीच होने के चलते वन्यजीवों के दहाड़ की आवाज भी समय-समय पर सुनाई पड़ती है। लेकिन वन विभाग ने इस इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाया है। ऐसे में वन्यजीवों का खतरा नहीं होगा।

नेचुरल ट्रायल रेंज में अगर पर्यटक भ्रमण करने के साथ ही विश्राम करते हुए कुछ समय गुजारना चाहें तो उसके लिए वन विभाग बेंच की भी स्थापना करवा रहा है। पूरा जंगल घूमने के बजाए नेचुरल ट्रायल रेंज का भ्रमण जंगल भ्रमण का ही एहसास कराएगा।

ककरहा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विकास अस्थाना ने बताया कि बाहर से आने वाले पर्यटक अमूमन एक या दो दिन ठहरते हैं। लेकिन वह पूरे जंगल का भ्रमण कर पक्षियों, दुर्लभ वन्यजीवों व प्राकृतिक संपदा की जानकारी नहीं सहेज

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed