इन छुटिट्यों में यहां उठाइए नेचुरल ट्रायल का मजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कतर्नियाघाट घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों को नेचुरल ट्रायल के माध्यम से जंगल की सैर कराई जाएगी। इसके लिए ककरहा रेंज में ढाई किलोमीटर वर्ग के इलाके को नेचुरल ट्रायल क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां पर प्राकृतिक और मानव रोपित वनों का अंतर समझाया जाएगा।
इसके साथ ही ट्रायल रेंज में पेड़ों पर स्थापित पक्षियों के घोंसले से चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई पड़ेगी। घने जंगल के बीच होने के कारण वन्यजीवों की आवाजें भी रोमांचित करेंगी। इस ट्रायल रेंज में पर्यटक बेखौफ प्राकृतिक सुंदरता का नजदीक से अध्ययन कर सकेंगे।
इको टूरिज्म की व्यवस्था से पर्यटकों को लुभाने के बाद अब ककरहा रेंज में नेचुरल ट्रायल रेंज स्थापित की गई है। ढाई वर्ग किलोमीटर का यह रेंज ककरहा रेंज कार्यालय से सटा हुआ है। इस रेंज में नई सड़कें बनाईं गई हैं।
मानव रोपित और प्राकृतिक वन को स्थापित कर उनके अंतर को भी दिखाया गया। कतर्नियाघाट का भ्रमण करने के लिए आने वाले पर्यटक पूरे जंगल का भ्रमण करने के बजाए अगर ट्रायल रेंज का भ्रमण कर लेंगे तो वह जंगल के बारे में काफी कुछ जान सकेंगे।
दुर्लभ और लुप्त पक्षी भी नजर आएंगे
घने जंगल के बीच स्थापित ट्रायल रेंज में दुर्लभ और लुत्प प्राय पक्षियों की चहचहाहट जहां सुरम्यता बढ़ाती है। वहीं कुसुम, बरगद, बेल, प्राकृतिक तालाब मनोरमता में चार चांद लगा रहे हैं। घने जंगल के बीच होने के चलते वन्यजीवों के दहाड़ की आवाज भी समय-समय पर सुनाई पड़ती है। लेकिन वन विभाग ने इस इलाके को पूरी तरह सुरक्षित बनाया है। ऐसे में वन्यजीवों का खतरा नहीं होगा।
नेचुरल ट्रायल रेंज में अगर पर्यटक भ्रमण करने के साथ ही विश्राम करते हुए कुछ समय गुजारना चाहें तो उसके लिए वन विभाग बेंच की भी स्थापना करवा रहा है। पूरा जंगल घूमने के बजाए नेचुरल ट्रायल रेंज का भ्रमण जंगल भ्रमण का ही एहसास कराएगा।
ककरहा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विकास अस्थाना ने बताया कि बाहर से आने वाले पर्यटक अमूमन एक या दो दिन ठहरते हैं। लेकिन वह पूरे जंगल का भ्रमण कर पक्षियों, दुर्लभ वन्यजीवों व प्राकृतिक संपदा की जानकारी नहीं सहेज