मोदी की महारैली से सुलझेगी मिशन 2017 की पहेली
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोमवार को मथुरा में हो रही रैली कई सवालों का जवाब भी देगी। इस रैली से भविष्य के राजनीतिक संकेत भी निकलेंगे।
यूपी में 2017 के लिए भाजपा के इरादों की झलक भी दिख सकती है। भाजपा ने रैली के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार सुबह से लोगों का पहुंचना शुरू हो जाएगा। मोदी शाम 5 बजे रैली को संबोधित करेंगे। इससे पहले वह लगभग पौन घंटा दीनदयाल धाम में रहेंगे।
संसदीय क्षेत्र के नाते वाराणसी को अगर छोड़ दें तो प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की उत्तर प्रदेश में यह पहली रैली होगी। केंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर हो रही इस रैली में अगर मोदी का चुनावी सभाओं जैसा ही आकर्षण दिखता है तो साफ हो जाएगा कि विपक्ष के तमाम आरोपों के बावजूद उनकी साख बरकरार है।
अगर किन्हीं कारणों से इसमें कुछ कमी दिखती है तो आगे विपक्ष को न सिर्फ उन पर बल्कि भाजपा पर हमला तेज करने का अवसर मिलेगा।
2017 चुनाव के लिए दूर करना होगा मतभेदों को
रैली में सूबे के नेताओं की उपस्थिति भी बहुत कुछ बताएगी। लंबे समय से ओमप्रकाश सिंह, विनय कटियार जैसे कई वरिष्ठ नेता पार्टी के कार्यक्रमों में कम ही दिखाई देते हैं।
सभी नेता अगर इसमें आते हैं तब तो ठीक वर्ना यह साफ हो जाएगा कि मोदी को 2017 में यूपी में सत्ता पाने के लिए पार्टी के भीतर चल रही खींचतान व परस्पर मतभेदों को दूर करना पडे़गा।
दो लाख से ज्यादा के आने का दावा
मथुरा के रहने वाले पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग के अनुसार, रैली में आने वालों के लिए भोजन व पानी की व्यवस्था की गई है। लोगों को गर्मी से बचाने के लिए पंखों व कूलर की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का दावा है कि रैली में दो लाख से ज्यादा लोग जुटेंगे। भाजपा नेताओं ने हर जिले में डेरा डाल दिया है। सोमवार की सुबह से लोगों का रैलीस्थल पर पहुंचना प्रारंभ हो जाएगा।