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सुल्तानपुर में ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने पर नगर पालिका चेयरमैन व अफसर आमने-सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुल्तानपुर
Updated Fri, 21 Sep 2018 07:06 PM IST
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नगर पालिका चेयरमैन बबिता जायसवाल
- फोटो : amar ujala
सुल्तानपुर जनपद में 70 वर्षो में पहली बार सुल्तानपुर की नगर पालिका परिषद में बीजेपी चेयरमैन और अधिशाषी अधिकारी वर्चस्व की लड़ाई को लेकर हुए आमने सामने हैं। दरअसल, शासन द्वारा दिए गए पत्र के निर्देश पर डीएम ने नगर पालिका के 15 ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश अधिशाषी अधिकारी को दिया।
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जिसपर अधिशाषी अधिकारी ने ठेकेदारों का शासन एवं जिलाधिकारी के आदेश पर प्रसारण करते हुए रजिस्ट्रेशन रद्द किया और डीएम को अवगत कराया। यह बात जब चेयरमैन बबिता जायसवाल को पता लगी तो उन्होंने इसे पालिका बोर्ड का विशेषाधिकार का हनन माना। लिहाजा अधिशाषी अधिकारी की इस अनुसाशनहीनता पर उन्हें तीन दिन के अंदर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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बताते चलें कि जिले की नगर पालिका परिषद में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिये चैयरमैन बबिता जायसवाल ने पिछले कार्यकाल के ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। नगर पालिका के अपने गजट के अनुसार, जो ठेकेदार पात्र पाये गये उनका नये सिरे से रजिस्ट्रेशन कराया गया।
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लिहाजा पिछले चेयरमैन के कार्यकाल में मलाई काट रहे ठेकेदारों को ये बात नागवार लगी तो उन्होंने हाईकोर्ट का सहारा लिया लेकिन पिछली12 सितंबर को आये हाईकोर्ट के आदेश में भी उन ठेकेदारों को कोई सफलता नहीं मिल सकी।
इसलिए ठेकेदारों ने अनियमितता की शिकायत करते हुये शासन से गुहार लगाई। जिसपर विशेष सचिव अनिल बाजपेयी द्वारा 14 सितंबर को जिलाधिकारी सुल्तानपुर को वर्तमान ठेकेदारों को रजिस्ट्रेशन रद्द कर तीन दिन के भीतर जवाब देने की बात कही।