{"_id":"67ce8add8738267adc060758","slug":"nagar-nigam-executive-meeting-cancelled-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में नहीं पहुंचे पदाधिकारी, नाराज महापौर बोलीं- ये अनुशासनहीनता है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में नहीं पहुंचे पदाधिकारी, नाराज महापौर बोलीं- ये अनुशासनहीनता है
Mon, 10 Mar 2025 02:34 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Mar 2025 02:34 PM IST
सार
लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक सदस्यों के अनुपस्थित होने के कारण नहीं हो सकी। इस पर महापौर ने नाराजगी जाहिर की। बैठक की अगली तारीख 18 मार्च रखी गई है।
विज्ञापन
लखनऊ नगर निगम।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नगर निगम कार्यकारिणी की सोमवार को प्रस्तावित बैठक पदाधिकारियों के अनुपस्थित रहने के कारण नहीं हो सकी। कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में से सिर्फ दो बैठक के लिए पहुंचे। नगर निगम कार्यकारिणी में भाजपा के 10 सदस्य हैं जिसमें से सिर्फ दो पहुंचे। वहीं, सपा के दो सदस्य हैं और दोनों ही अनुपस्थित रहे। बैठक न होने बजट नहीं पास हो सका।
विज्ञापन
इस पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने नाराजगी जताई और इसे अनुशासनहीनता करार दिया। उन्होने कहा कि कार्रवाई के लिए नगर अध्यक्ष को पत्र लिखेंगी। कहा कि जो लोग बैठक में नहीं आए हैं वो अपना विकास करना चाहते हैं नगर का विकास नहीं चाहते हैं। वहीं, पार्षदों का कोटा भी डेढ़ से तीन करोड़ रुपये करने की मांग की गई थी। बैठक की अगली तारीख 18 मार्च रखी गई है।
विज्ञापन
हालांकि, कार्यकारिणी के सदस्य भृगु नाथ शुक्ला, उमेश सनवाल, अनुराग मिश्रा अन्नू, मुकेश सिंह मोंटी, अनूप कमल सक्सेना और सुरेंद्र वाल्मीकि (सपा) बैठक में शामिल नहीं हुए पर कार्यालय आए थे। भाजपा सदस्यों ने कहा कि हमने नगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है। मुकेश सिंह मोंटी ने कार्यकारिणी से इस्तीफा देने की बात कही है।
विज्ञापन
बैठक में सदस्यों के न आने का यह पहला मामला है। सदस्यों की अनुपस्थिति को सीधे तौर पर महापौर का विरोध माना जा रहा है।