बसपा के इस खेल ने कांग्रेस को पहुंचाया फायदा!
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नगर निगम कार्यकारिणी के सेवानिवृत्त छह सदस्यों के लिए हुए चुनाव में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। मतगणना में बसपा के समर्थित पार्षदों ने अपने वोट सभी पार्टियों में बांट दिए और उससे कांग्रेस प्रत्याशी को फायदा मिला। बीजेपी सबसे अधिक वोट पाकर भी एक सीट कम जीती।
उसके चार पार्षद रिटायर हुए थे, मगर चुनाव के बाद उसके तीन नए सदस्य ही कार्यकारिणी में जगह बना सके। विरोधी पार्टियों के भारी समर्थन से कांग्रेस प्रत्याशी ने अंतिम चक्र की मतगणना के बाद बीजेपी के प्रत्याशी सौरभ सिंह को पीछे छोड़ कर जीत हासिल की। बीजेपी से हरशरणलाल गुप्ता, राजेश मालवीय और दीपांजलि सिंह, सपा से चांद सिद्दीकी, अभय प्रताप सिंह गुड्डू यादव और कांग्रेस के मुकेश सिंह चौहान ने जीत हासिल की।
कुल 121 सदस्यों में से 121 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। बीजेपी के पास निर्वाचित पार्षद और पदेन सदस्य मिला कर कुल 53 सदस्य होने के बावजूद प्रथम वरीयता के उसे 62 वोट मिले। आठ पार्षद और एक पदेन सदस्य यानी 9 सीटों के बावजूद कांग्रेस के मुकेश को 14 वोट मिले।
किसी ने नहीं लिया नाम वापस
ऐसे में कांग्रेस को अतिरिक्त छह और बीजेपी को सात वोट में सपा से क्रॉस वोटिंग की भी आशंका जताई जा रही है। निर्वाचित और पदेन मिला कर सपा के पास कुल मत 49 थे, मगर उसके सारे प्रत्याशियों को 44 वोट मिले। ऐसे में पांच सपा पार्षदों की क्रॉस वोटिंग की है।
सुबह करीब 11 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू हुई। दोपहर लगभग 12 बजे तक कोशिश की जाती रही कि छह सीटों के लिए आठ सदस्य चुनाव न लड़ें और बिना वोटिंग के ही निर्विरोध निवार्चन हो जाए। सभी प्रत्याशी चुनाव लड़ने पर अड़े रहे और आखिरकार तय किया गया कि दोपहर 2 बजे से मतदान और शाम को 4 बजे से मतगणना होगी।
इसके बाद में जब दो बजे मतगणना शुरू की गई तब अधिकांश सदस्यों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दोनों तरह के सदस्यों को मिला कर सदन की कुल संख्या 131 है। इसमें से 121 वोट डाले गए। एक वोट अवैध करार दिया गया। कुल 120 वोटों की गिनती की गई।
राजनाथ-माया नहीं आए, कौशल ने डाला वोट
जिस जिले का नगर निगम होता है, वहां के सभी विधायक और सांसद सदन के पदेन सदस्य होते हैं। इस तरह की वोटिंग में उनको मतदान का अधिकार भी मिलता है।
बसपा से पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और सांसद सतीश चंद्र मिश्र, बीजेपी से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, समाजवादी पार्टी से कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, राज्य मंत्री अभिषेक मिश्र और बीकेटी से विधायक गोमती यादव अपना वोट डालने नहीं आये।
दूसरी ओर बीजेपी के मोहनलालगंज से सांसद कौशल किशोर, पूर्व क्षेत्र से विधायक गोपाल जी टंडन ने वोट डाला। कैंट से कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने अपना वोट डाला। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा, शारदा प्रताप शुक्ल ने भी मतदान किया।
एमएलसी डॉ. मधु गुप्ता और कांति सिंह, बीएसपी से रामचंदर प्रधान, अरविंद त्रिपाठी गुड्डू ने वोट डाला। सपा से पार्षद शफकुर्ररहमान चचा, सुनीता सिंह यादव, लक्ष्मी सिंह और रामनेरश लखनऊ से बाहर होने की वजह से वोट नहीं डाल पाए।