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कूड़ा निस्तारण के लिए राजधानी में एक और कंपनी की तलाश, टेंडर जारी
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प्रवेंद्र गुप्ता
राजधानी में आठ साल पुरानी कचरा प्रबंधन योजना अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन अब नई कंपनी तलाश रहा है जो शिवरी प्लांट पर 2017 के पहले से डंप करीब दो लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर सके।
इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है जो अगले माह खुलेगा। ज्योति इन्वायरोटेक के बाद ईकोग्रीन एनर्जी को कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन चार साल में चार लाख टन कूड़ा प्लांट में और डंप हो गया है।
करीब सात महीने में दो बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी शिवरी प्लांट पर लगा 1.85 लाख टन कूड़े का पहाड़ हट नहीं पाया है। इसे लेकर हाल में ही नगर आयुक्त ने चेतावनी भी दी थी।
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इससे पहले जून में अपर मुख्य सचिव और जुलाई में एनजीटी की ओवर साइड कमेटी भी कूड़े को लेकर नाराजगी जता चुकी है। नोटिस जारी हुआ, लेकिन कूड़े का पहाड़ नहीं हटा।
इसके बाद अब नगर निगम नई कंपनी की तलाश कर रहा है जो प्लांट पर डंप कूड़े का निस्तारण कर सके। टेंडर जारी कर दिया गया है।
ज्योति इनवायोटेक के समय का है कूड़ा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि 2017 में ईकोग्रीन के आने से पहले प्लांट की जिम्मेदारी ज्योति इनवायरोटेक के पास थी। उस वक्त जो कूड़ा डंप था, उसके निस्तारण को लेकर टेंडर जारी किया गया है। शासन ने भी यह निर्देश दिए थे कि अगर ईकोग्रीन पुराने डंप कूड़े का निस्तारण नहीं कर पा रही है तो दूसरी कंपनी से काम लिया जा सकता है। इस पर आने वाला खर्च नगर निगम देगा।
जुलाई तक हटाना है कूड़ा
2017 में जब ईकोग्रीन एनर्जी को काम मिला था तो यह कहा गया था कंपनी प्लांट को बेहतर तरीके से चलाएगी। पर पुराने के अलावा करीब चार लाख मीट्रिक टन नए कचरे का पहाड़ लग गया। इसके निस्तारण में लापरवाही को लेकर ईकोग्रीन पर दो महीने पहले ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। एनजीटी ने भी नाराजगी जताई थी। निस्तारण के लिए जुलाई तक का समय दिया गया है।
नई कंपनी लाने का टेंडर
2017 से पहले के लेगेसी वेस्ट के निस्तारण को लेकर नई कंपनी लाने का टेंडर किया गया है। प्लांट पर काफी जगह है, वहां पर नई कंपनी मशीन लगाकर निस्तारण करेगी। पिछले चार साल में जमा हुए कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी ईकोग्रीन की है।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
मार्च तक ही कर देंगे निस्तारण
एनजीटी ने जुलाई तक का समय दिया है, लेकिन कंपनी अपने समय का कचरा मार्च तक ही निस्तारित कर देगी। उसको लेकर प्लांट में लगी मशीनों पर करीब छह करोड़ रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं। पहले से जमा कचरे के निस्तारण को लेकर ही नगर निगम ने दूसरी एजेंसी के लिए टेंडर निकाला है।
- नागार्जुन रेड्डी, सीईओ, ईकोग्रीन कंपनी
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राजधानी में आठ साल पुरानी कचरा प्रबंधन योजना अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई है। ऐसे में नगर निगम प्रशासन अब नई कंपनी तलाश रहा है जो शिवरी प्लांट पर 2017 के पहले से डंप करीब दो लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर सके।
इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है जो अगले माह खुलेगा। ज्योति इन्वायरोटेक के बाद ईकोग्रीन एनर्जी को कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन चार साल में चार लाख टन कूड़ा प्लांट में और डंप हो गया है।
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करीब सात महीने में दो बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी शिवरी प्लांट पर लगा 1.85 लाख टन कूड़े का पहाड़ हट नहीं पाया है। इसे लेकर हाल में ही नगर आयुक्त ने चेतावनी भी दी थी।
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इससे पहले जून में अपर मुख्य सचिव और जुलाई में एनजीटी की ओवर साइड कमेटी भी कूड़े को लेकर नाराजगी जता चुकी है। नोटिस जारी हुआ, लेकिन कूड़े का पहाड़ नहीं हटा।
इसके बाद अब नगर निगम नई कंपनी की तलाश कर रहा है जो प्लांट पर डंप कूड़े का निस्तारण कर सके। टेंडर जारी कर दिया गया है।
ज्योति इनवायोटेक के समय का है कूड़ा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि 2017 में ईकोग्रीन के आने से पहले प्लांट की जिम्मेदारी ज्योति इनवायरोटेक के पास थी। उस वक्त जो कूड़ा डंप था, उसके निस्तारण को लेकर टेंडर जारी किया गया है। शासन ने भी यह निर्देश दिए थे कि अगर ईकोग्रीन पुराने डंप कूड़े का निस्तारण नहीं कर पा रही है तो दूसरी कंपनी से काम लिया जा सकता है। इस पर आने वाला खर्च नगर निगम देगा।
जुलाई तक हटाना है कूड़ा
2017 में जब ईकोग्रीन एनर्जी को काम मिला था तो यह कहा गया था कंपनी प्लांट को बेहतर तरीके से चलाएगी। पर पुराने के अलावा करीब चार लाख मीट्रिक टन नए कचरे का पहाड़ लग गया। इसके निस्तारण में लापरवाही को लेकर ईकोग्रीन पर दो महीने पहले ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। एनजीटी ने भी नाराजगी जताई थी। निस्तारण के लिए जुलाई तक का समय दिया गया है।
नई कंपनी लाने का टेंडर
2017 से पहले के लेगेसी वेस्ट के निस्तारण को लेकर नई कंपनी लाने का टेंडर किया गया है। प्लांट पर काफी जगह है, वहां पर नई कंपनी मशीन लगाकर निस्तारण करेगी। पिछले चार साल में जमा हुए कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी ईकोग्रीन की है।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
मार्च तक ही कर देंगे निस्तारण
एनजीटी ने जुलाई तक का समय दिया है, लेकिन कंपनी अपने समय का कचरा मार्च तक ही निस्तारित कर देगी। उसको लेकर प्लांट में लगी मशीनों पर करीब छह करोड़ रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं। पहले से जमा कचरे के निस्तारण को लेकर ही नगर निगम ने दूसरी एजेंसी के लिए टेंडर निकाला है।
- नागार्जुन रेड्डी, सीईओ, ईकोग्रीन कंपनी