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यानी सरकार के बस में नहीं गरीब मेधावियों की शिक्षा!

Thu, 15 Aug 2013 10:43 AM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क Updated Thu, 15 Aug 2013 10:43 AM IST
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nadar foundation to provide education to students in villages

ग्रामीण क्षेत्रों के

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आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा देने में अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को एक संस्था की मदद लेनी पड़ी है।

मतलब साफ है कि जो सरकार लैपटॉप और टैबलेट बांटने के दावे कर रही है, उसके पास गांवों के गरीब मेधावियों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं है।


शायद यही वजह है कि मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने में शिव नाडर फाउंडेशन मदद करेगा।
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फाउंडेशन प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षा व्यवस्था का विस्तार करेगा। इसके लिए सरकार और शिव नाडर फाउंडेशन ने समझौते मसौदे पर हस्ताक्षर किए।

फाउंडेशन सीतापुर और बुलंदशहर में पहले से स्कूल चला रहा है। मुख्य सचिव के समक्ष बुधवार को संस्था ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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इसमें बताया गया कि दोनों स्कूलों के प्रवेश देने के लिए प्रत्येक जिले से प्रतिवर्ष लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है।

इसमें से 8 मेधावी विद्यार्थियों, जिनमें एक तिहाई बालिकाओं को चयनित कर विद्याज्ञान स्कूल में प्रवेश देकर कक्षा 6 से 12 तक मुफ्त शिक्षा दी जा रही है।

विद्याज्ञान स्कूल प्रबंधक बोर्ड के अध्यक्ष टीएसआर सुब्रमण्यन ने बताया कि एक मेधावी बच्चे पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं।

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