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Lucknow News: दशमोत्तर के दो हजार विद्यार्थियों के वजीफे पर संकट
Sat, 28 Jan 2023 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 28 Jan 2023 12:39 AM IST
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सुल्तानपुर। दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के करीब दो हजार छात्रों का डाटा संदिग्ध पाया गया है। कई खामियां पाए जाने पर समाज कल्याण और पिछड़ा वर्ग निदेशालय ने डाटा को विद्यालयों को वापस भेज दिया है। संशोधन नहीं होने पर ऐसे छात्रों की छात्रवृत्ति रुक जाने के आसार हैं।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11 व उससे ऊपर की कक्षाओं के विभिन्न जातियों के करीब दो हजार छात्रों का डाटा समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग निदेशालय की जांच में संदिग्ध पाया गया है। इसमें आधार नंबर, अंक पत्र, बैंक खाता आदि मैच नहीं कर रहा है।
डाटा संदिग्ध मिलने पर दोनों निदेशालयों ने उसे पोर्टल पर वापस कर दिया है। वापस करने के साथ ही विद्यालयों व छात्रों को अपनी लॉगिन पर संशोधन का मौका दिया है। छात्रों की लॉगिन का समय शुक्रवार को पूरा हो गया। इस बीच छात्र संशोधन के लिए परेशान रहे। स्वयं संशोधित नहीं कर पाने वाले छात्र अब विद्यालयों से डाटा दुरुस्त कराने के प्रयास में जुटे हैं।
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विभाग के मुताबिक दो फरवरी तक विद्यालयों में छात्रों का डाटा संशोधित किया जा सकेगा। इसके बाद जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से डाटा की संस्तुति करके निदेशालय को भेज दिया जाएगा। इस बीच डाटा दुरुस्त नहीं करा पाने वाले छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि छात्रों का संदिग्ध डाटा निदेशालय की ओर से भेजा गया है। विद्यालयों की ओर से लॉक किए जाने के बाद तीन फरवरी को उन्हें कुल संदिग्ध डाटा का ब्योरा मिल सकेगा।
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दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा 11 व उससे ऊपर की कक्षाओं के विभिन्न जातियों के करीब दो हजार छात्रों का डाटा समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग निदेशालय की जांच में संदिग्ध पाया गया है। इसमें आधार नंबर, अंक पत्र, बैंक खाता आदि मैच नहीं कर रहा है।
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डाटा संदिग्ध मिलने पर दोनों निदेशालयों ने उसे पोर्टल पर वापस कर दिया है। वापस करने के साथ ही विद्यालयों व छात्रों को अपनी लॉगिन पर संशोधन का मौका दिया है। छात्रों की लॉगिन का समय शुक्रवार को पूरा हो गया। इस बीच छात्र संशोधन के लिए परेशान रहे। स्वयं संशोधित नहीं कर पाने वाले छात्र अब विद्यालयों से डाटा दुरुस्त कराने के प्रयास में जुटे हैं।
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विभाग के मुताबिक दो फरवरी तक विद्यालयों में छात्रों का डाटा संशोधित किया जा सकेगा। इसके बाद जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से डाटा की संस्तुति करके निदेशालय को भेज दिया जाएगा। इस बीच डाटा दुरुस्त नहीं करा पाने वाले छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि छात्रों का संदिग्ध डाटा निदेशालय की ओर से भेजा गया है। विद्यालयों की ओर से लॉक किए जाने के बाद तीन फरवरी को उन्हें कुल संदिग्ध डाटा का ब्योरा मिल सकेगा।