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बेटी के बारे में स्वाति सिंह ने खोले कई राज, बोलीं-वो है घर की बॉस

Mon, 15 May 2017 06:40 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 15 May 2017 06:40 PM IST
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 my daughter is my home's boss, said minister swati singh
मंत्री स्वात‌ि स‌िंह - फोटो : amar ujala
मेरी बेटी तो मेरे घर की बॉस है। मैं घर के हर छोटे-बड़े काम उससे पूछ कर करती हूं। उससे पूछकर ही हम आउटिंग का प्रोग्राम बनाते हैं। ये बातें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने लखनऊ में रविवार को ‘अमर उजाला’ की ओर से गन्ना संस्थान में आयोजित सम्मान समारोह में बच्चों और अभिभावकों से बातचीत के दौरान कही।
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उन्होंने कहा कि मैं इतनी बड़ी हो गई, बच्चे हो गए लेकिन घर को कम समय दे पाती हूं। आज भी मेरे घर का पूरा काम मां ही संभालती हैं।  उन्होंने बच्चों से कहा कि वह घर और बाहर की हर अच्छी-खराब बात अपनी मां से जरूर शेयर करें।
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मां के पास हर समस्या का समाधान होता है, वह उसे टैकल कर लेगी। स्वाति ने कहा कि कभी मां डांट दे या मारे तो भी उसको गलत मत समझना। वह हमारी बेहतरी के लिए ऐसा करती हैं। एक बार मेरी गलती से मेरी बेटी को चोट लग गई तो मेरी मां ने मुझे चाटा मारा था। 
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बेटी को समय न देने पर भावुक हुई स्वाति

 my daughter is my home's boss, said minister swati singh
स्वा‌त‌ि स‌िंह - फोटो : amar ujala
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वह अपने बच्चों की बातों पर विश्वास करें। वह बच्चों में इतना आत्मविश्वास पैदा करें कि वह अपनी हर बात आपसे साझा करें। उन्होंने अपनी बेटी का उदाहरण देते हुए कहा कि गर्मी में भी वह रात में सभी को चद्दर जरूर डालती है।

बेटियां बेटों से ज्यादा केयरिंग होती हैं। हर किसी के पास एक बेटी जरूर होनी चाहिए। बेटी होगी तो कोई दुखी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिनके बेटे-बेटियां दोनों हैं वह भी बेटियों को थोड़ा ज्यादा ध्यान और प्यार दें।

बेटी की चर्चा करते हुए स्वाति सिंह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि आज मैं चाहकर भी अपने बच्चों को समय नहीं दे पाती हूं। अब तो आप सब मेरे बच्चे हैं, सबका ध्यान रखना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि कुछ पाने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता है। मैंने बच्चों के लिए नौकरी छोड़ी, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनी कि कुछ और करना पड़ा। बेटियों का मां से ज्यादा लगाव होता है, लेकिन मैं चाहकर भी बेटी को पूरा समय नहीं दे पाती।
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