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यूपीः मुस्लिम महिला ने रोजा खोलने के बाद हिंदू शख्स के लिए किया रक्तदान, पीड़ित की बची जान
Wed, 29 Apr 2020 06:15 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 29 Apr 2020 06:15 AM IST
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मुस्लिम महिला ने हिंदू युवक के लिए किया रक्तदान
- फोटो : Social Media
रमजान के इस पाक महीने में 29 वर्षीय अलीशा खान ने एक हिंदू युवक को अपना रक्तदान करके न सिर्फ उनकी जान बचाई बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी पेश की है। यह मामला उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी का है। जहां विजय कुमार रस्तोगी को ओ निगेटिव खून की जरूरत थी लेकिन डॉक्टरों को अस्पताल के ब्लड बैंक में नहीं मिला।
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विनय के परिजन कई दिन से ओ निगेटिव ब्लड की व्यवस्था करने में जुटे हुए थे, लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से उन्हें कहीं से खून नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में सामाजिक संस्था शहीद भगत सिंह सेवा समिति ने मदद का हाथ आगे बढ़ाया।
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संस्था के अध्यक्ष जसपाल सिंह पाली ने जब यह बात अलीशा को बताई तो उन्होंने कहा कि उनका बल्ड ग्रुप ओ निगेटिव है और वह रक्तदान करने के लिए तैयार हैं। खास बात यह कि अलीशा रोजे से थीं और शाम होते ही उन्होंने रोजा खोलकर विनय के लिए अपना रक्तदान किया।
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समाज सेविका तृप्ति अवस्थी ने बताया कि विनय लंबे समय से लीवर संक्रमण से ग्रस्त है। कुछ दिनों पहले उसके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी गिरने लगा, जिसकी वजह से उसकी स्थिति बिगड़ गई थी। इस पर डॉक्टरों ने उसके परिजनों को रक्त का इंतजाम करने को कहा लेकिन तमाम कोशिश को बावजूद खून नहीं मिला।
इस बीच अलीशा ने ऐसे शख्स के लिए रक्तदान किया जिसको वो जानती भी नहीं थीं और हिंदू-मुस्लिम एकता की एक शानदार मिसाल पेश की।