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बाबरी विध्वंस पर कोर्ट के फैसले को स्वीकार करे मुस्लिम समाज, हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं: इकबाल अंसारी
Thu, 01 Oct 2020 10:03 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 01 Oct 2020 10:03 AM IST
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बाबरी मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी
- फोटो : amar ujala
बाबरी मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को बाबरी विध्वंस पर आए सीबीआई कोर्ट के फैसले को स्वीकार करना चाहिए और फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट नहीं जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि 28 साल बाद आए फैसले के बाद अब मामले का अंत हो गया है। आरोपी रहे जो भी लोग इस दुनिया में हैं उन्हें अब चैन की नींद आएगी।
अंसारी ने कहा कि जो मुस्लिम नेता हाईकोर्ट जाने की बात कह रहे हैं उन्हें समझना चाहिए कि इस पर निर्णय आने में 28 वर्ष लग गए। उन्हें चाहिए कि अब मुकदमे के चक्कर में न पड़ें तो बेहतर होगा क्योंकि इससे हिंदू व मुसलमानों के बीच एक टकराव पैदा होगा।
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उन्होंने कहा कि फैसला कोर्ट ने दिया है। हमें इसका सम्मान करना चाहिए। वहीं, कृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर डाली गई याचिका पर उन्होंने कहा कि मथुरा कोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि की याचिका को खारिज कर अच्छा काम किया।
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मंदिर- मस्जिद का विवाद देश को कमजोर कर रहा है। चंद लोग चाहते हैं कि देश मे मंदिर-मस्जिद और हिन्दू-मुस्लिम का विवाद बना रहे लेकिन हम देश को जोड़ना चाहते। जब हमारे देश मे हिन्दू-मुस्लिम का विवाद नहीं होगा तो देश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगा।