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मस्जिद के लिए अलॉट हुई पांच एकड़ जमीन से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे पक्षकार

Wed, 05 Feb 2020 07:23 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: ishwar ashish Updated Wed, 05 Feb 2020 07:23 PM IST
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Muslim community is not satisfied with land alloted for mosque.
- फोटो : amar ujala

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के लिए राज्य सरकार की ओर से अलॉट की गई पांच एकड़ भूमि से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नहीं है। मुस्लिम पक्षकारों ने रामकोट स्थित श्रीरामजन्मभूमि से 25 किमी दूर रौनाही थाने के पीछे दी गई भूमि को मस्जिद के लिए अनुपयुक्त बताया है।

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आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के मुताबिक मस्जिद निर्माण के लिए भूमि उपयुक्त जगह पर नहीं दी गई है। वहां अयोध्या के लोग नमाज पढ़ने नहीं जा सकते। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि अब राज्य सरकार के आवंटन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट ने श्रीरामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर अंतिम फैसला नौ नवंबर 2019 में सुनाया। विराजमान रामलला को उनका जन्मस्थान मानते हुए संपूर्ण अधिग्रहीत भूमि केंद्र सरकार को ट्रस्ट बनाकर सौंपने का आदेश दिया। जबकि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को अयोध्या में उपयुक्त स्थान पर पांच एकड़ भूमि मस्जिद के लिए देने को कहा था।
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राज्य सरकार ने बुधवार को मस्जिद के लिए पांच एकड़ भूमि का आवंटन किया। यह भूमि लखनऊ हाईवे पर स्थित रौनाही थाना के ठीक पीछे धन्नीपुर गांव की है। हालांकि जिला प्रशासन ने भूमि आवंटन के लिए तीन स्थानों का ब्यौरा भेजा था। इसमें सबसे ज्यादा दूर यही जगह थी जिसे मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन के अधिकारियों के साथ बातचीत में पहले ही अनुपयुक्त बताया था।

सरकार ने नहीं किया न्याय: इकबाल

Muslim community is not satisfied with land alloted for mosque.
इकबाल अंसारी। - फोटो : अमर उजाला

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि उनकी ओर से बिजली शहीद मस्जिद के पास भूमि देने का सुझाव दिया गया था। यहां पहले से ही मस्जिद थी लिहाजा कोई विवाद नहीं होता। पुरानी मस्जिद को भव्यता देने के साथ हिंदू-मुस्लिम सभी के लिए अस्पताल व स्कूल का प्रस्ताव किया था। लेकिन सरकार ने अयोध्या से 25 किमी. दूर जमीन देकर न्याय नहीं किया है।

जिस मस्जिद के एवज में फैसला आया, इसके लिए आसपास ही भूमि मिलनी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अनुपालन नहीं हुआ है। उतनी दूर अयोध्या के लोग नमाज कैसे पढ़ेंगे।

सुप्रीम कोर्ट से मांगेंगे न्याय : हाजी महबूब

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हाजी महबूब। - फोटो : amar ujala

बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि राज्य सरकार ने मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन जिस स्थान पर दी है वहां मस्जिद बनाने का कोई औचित्य नहीं होगा। मुस्लिम समुदाय इसे स्वीकार नहीं करेगा। हमने तो पंचकोसी और चौदहकोसी के बाहर उदया कॉलेज के पास चक्रतीर्थ इलाके में पांच एकड़ भूमि देने का सुझाव दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट जाकर उपयुक्त स्थान देने के लिए न्याय मांगने का ही रास्ता बचा है। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड यह जमीन स्वीकार करेगा तो किसके लिए।

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