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जिस आंचल में पला, उसी से घोंट दिया मां का गला
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लखनऊ। जिस मां ने अपनी कोख में नौ माह तक रखा और जन्म लेने के बाद बेटे को अपने आंचल में पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी बेटे ने जमीन के टुकड़े के लिए अपनी मां का गला उसके आंचल से ही घोटकर मार डाला। घटना निगोहां के कलासरखेड़ा गांव की है। आरोपी संजय ने अपनी मां लीलावती (50) को सोमवार रात पहले जमकर पीटा और फिर उसके आंचल से ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। मंगलवार सुबह पड़ोसियों ने घर के बाहर शव पड़ा देख पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद फरार बेटे की तलाश में पुलिस जुटी है।
कलासरखेड़ा गांव में लीलावती के परिवार में दो बेटे संजय और संगम व एक बेटी राजरानी है। पति श्रीकेशन की चार साल पहले मौत हो गई थी। बेटे संजय व बेटी राजरानी की शादी हो चुकी है। लीलावती अपने दोनों बेटों से अलग गांव में ही रहती थी। बड़ा बेटा गांव में ही रहता था। जबकि छोटा बेटा शहर में रहकर मजदूरी करता है। ग्रामीणों व परिवारीजनों के मुताबिक, बड़ा बेटा संजय नशे का लती है। वह आए दिन अपनी मां लीलावती से पैतृक जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर संजय व उसकी मां के बीच अक्सर विवाद होता था।
रात को नशे में धुत होकर संजय अपनी मां को पीटता था। सोमवार रात को भी संजय शराब के नशे में घर पहुंचा। उसने जमीन बेचने के लिए कहा तो मां ने इनकार कर दिया। विरोध करने पर संजय ने लीलावती को पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से लीलावती बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद लालची बेटे ने मां की साड़ी के आंचल से ही गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से भाग गया। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने छोटे बेटे संगम और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर के मुताबिक, आरोपी संजय की तलाश की जा रही है।
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चार महीने पहले पत्नी पर किया था हमला
शराब के लती संजय ने चार महीने पहले पत्नी पर भी हमला कर दिया था। संजय की हरकतों से परेशान होकर उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई। आरोप है कि संजय, अपनी पत्नी और मां के गहने भी शराब के लिए बेच चुका है। पत्नी से रुपये के लिए आए दिन मारपीट करता था। पत्नी के मायके जाने के बाद वह रुपये के लिए मां से विवाद करने लगा।
दो महीने पहले हुई थी वरासत
दो महीने पहले ग्राम प्रधान की मदद से पैतृक 18 विसवा जमीन की दोनों बेटों और मां के नाम वरासत हुई थी। इसके बाद संजय अपनी मां पर दबाव बनाने लगा कि वह भी अपने हिस्से की भूमि हमारे साथ बेच दे। मां तैयार नहीं थी। मां की हत्या के बाद संजय ने जमकर शराब पी और मां को कोसता रहा कि अगर वह जमीन बेच देती तो उसकी हत्या न करता।
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कलासरखेड़ा गांव में लीलावती के परिवार में दो बेटे संजय और संगम व एक बेटी राजरानी है। पति श्रीकेशन की चार साल पहले मौत हो गई थी। बेटे संजय व बेटी राजरानी की शादी हो चुकी है। लीलावती अपने दोनों बेटों से अलग गांव में ही रहती थी। बड़ा बेटा गांव में ही रहता था। जबकि छोटा बेटा शहर में रहकर मजदूरी करता है। ग्रामीणों व परिवारीजनों के मुताबिक, बड़ा बेटा संजय नशे का लती है। वह आए दिन अपनी मां लीलावती से पैतृक जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। इसे लेकर संजय व उसकी मां के बीच अक्सर विवाद होता था।
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रात को नशे में धुत होकर संजय अपनी मां को पीटता था। सोमवार रात को भी संजय शराब के नशे में घर पहुंचा। उसने जमीन बेचने के लिए कहा तो मां ने इनकार कर दिया। विरोध करने पर संजय ने लीलावती को पीटना शुरू कर दिया। पिटाई से लीलावती बेसुध होकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद लालची बेटे ने मां की साड़ी के आंचल से ही गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से भाग गया। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने छोटे बेटे संगम और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर के मुताबिक, आरोपी संजय की तलाश की जा रही है।
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चार महीने पहले पत्नी पर किया था हमला
शराब के लती संजय ने चार महीने पहले पत्नी पर भी हमला कर दिया था। संजय की हरकतों से परेशान होकर उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई। आरोप है कि संजय, अपनी पत्नी और मां के गहने भी शराब के लिए बेच चुका है। पत्नी से रुपये के लिए आए दिन मारपीट करता था। पत्नी के मायके जाने के बाद वह रुपये के लिए मां से विवाद करने लगा।
दो महीने पहले हुई थी वरासत
दो महीने पहले ग्राम प्रधान की मदद से पैतृक 18 विसवा जमीन की दोनों बेटों और मां के नाम वरासत हुई थी। इसके बाद संजय अपनी मां पर दबाव बनाने लगा कि वह भी अपने हिस्से की भूमि हमारे साथ बेच दे। मां तैयार नहीं थी। मां की हत्या के बाद संजय ने जमकर शराब पी और मां को कोसता रहा कि अगर वह जमीन बेच देती तो उसकी हत्या न करता।