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छह दिन से लापता अधेड़ का खून से लथपथ मिला शव, पुलिस के विरोध में हाईवे पर लगाया जाम
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लखनऊ। सरोजनीनगर के सुभाषनगर निवासी शिवशंकर मिश्रा उर्फ बबलू (47) घर से सोमवार से लापता थे। शनिवार देर रात उनका शव घर से कुछ दूरी पर खून से लथपथ पड़ा मिला। सिर, गर्दन, कलाई सहित कई जगह धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं रविवार सुबह परिवारीजनों व रिश्तेदाराें ने हत्या का आरोप लगाकर लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक पूरा हाईवे बंद रहा। परिवारीजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। किसी तरह अधिकारियों ने मामले को शांत करा जाम खत्म कराया।
सरोजनीनगर के सुभाषनगर स्थित पीजेंट-डे एकेडमी इंटर कॉलेज के पास शशि मिश्रा परिवार के साथ रहती हैं। परिवार में पति शिवशंकर मिश्रा उर्फ बबलू हैं। शिवशंकर को एक साल पहले पैरालिसिस का अटैक पड़ा था जिसकी वजह से उनका दाहिना अंग काम नहीं करता है। साथ ही पेट में अक्सर दर्द रहने के कारण वह घर पर ही रहते हैं। शशि के मुताबिक, 18 जुलाई सोमवार रात करीब 12 बजे टीवी पर मैच देखने के बाद वह छत पर सोने चली गईं। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब नीचे उतरीं तो शिवशंकर मिश्रा लापता मिले। शशि मिश्रा ने सरोजनीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छह दिन बाद शनिवार देर रात शिवशंकर का खून से लथपथ शव उनके घर से कुछ दूरी पर पड़ा मिला। मृतक के सिर पर किसी वजनदार हथियार से वार किए जाने की चोट के निशान थे। मृतक के गले में भी किसी धारदार हथियार से भी वार किया गया था।
रविवार सुबह मृतक के परिवारीजनों व रिश्तेदारों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरोजनीनगर थाने के सामने कानपुर रोड पर जाम लगा दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रयास करती तो शिवशंकर की जान बच सकती थी। आरोप है कि पुलिस ने वारदात स्थल पर डॉग स्क्वॉयड तक नहीं बुलाया।
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12 साल पहले पत्नी ने की थी खुदकुशी
पुलिस के मुताबिक, शिवशंकर ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी सविता ने 2010 में खुदकुशी कर ली थी। उससे एक बेटी शिक्षा है जो अपने ताऊ रमाकांत मिश्रा के साथ पश्चिम बंगाल में रहती है। रमाकांत बीएसएफ में मुख्य आरक्षी हैं। वह बीएसएफ के इंटेलिजेंस की शाखा में तैनात हैं। वहीं, दूसरी शादी शशि से की। उससे एक छह साल का बेटा शौर्यांश है। शिवशंकर का भांजा नीरज द्विवेदी कमिश्नरेट के हुसैनगंज थाने में दरोगा है। नीरज के मुताबिक, उसकी मामी शशि ने कई बार थाने में गुहार लगाई पर कार्रवाई नहीं हुई। परिवारीजनों के मुताबिक, शिवशंकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। लॉकडाउन में उनका कारोबार प्रभावित हो गया। इसी दौरान पैरालिसिस का अटैक भी पड़ गया।
भाई ने दर्ज कराया केस, पत्नी पर जताया संदेह
शिवशंकर मिश्रा की हत्या के मामले में उनके भाई रमाकांत मिश्रा ने रविवार दोपहर को तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। रमाकांत मिश्रा ने शिवशंकर मिश्रा की पत्नी शशि पर हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस जांच कर रही है। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि शिवशंकर की गले की नस रेतकर काटी गई थी। करीब डेढ़ सेंटीमीटर गहरी चोट है। वहीं उसके सिर पर भारी सामान से वार किया गया। सिर की हड्डियां टूटी हैं। दोनों हाथों में 12 घाव हैं। दाहिने में सात और बाएं में पांच धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
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सरोजनीनगर के सुभाषनगर स्थित पीजेंट-डे एकेडमी इंटर कॉलेज के पास शशि मिश्रा परिवार के साथ रहती हैं। परिवार में पति शिवशंकर मिश्रा उर्फ बबलू हैं। शिवशंकर को एक साल पहले पैरालिसिस का अटैक पड़ा था जिसकी वजह से उनका दाहिना अंग काम नहीं करता है। साथ ही पेट में अक्सर दर्द रहने के कारण वह घर पर ही रहते हैं। शशि के मुताबिक, 18 जुलाई सोमवार रात करीब 12 बजे टीवी पर मैच देखने के बाद वह छत पर सोने चली गईं। मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जब नीचे उतरीं तो शिवशंकर मिश्रा लापता मिले। शशि मिश्रा ने सरोजनीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छह दिन बाद शनिवार देर रात शिवशंकर का खून से लथपथ शव उनके घर से कुछ दूरी पर पड़ा मिला। मृतक के सिर पर किसी वजनदार हथियार से वार किए जाने की चोट के निशान थे। मृतक के गले में भी किसी धारदार हथियार से भी वार किया गया था।
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रविवार सुबह मृतक के परिवारीजनों व रिश्तेदारों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरोजनीनगर थाने के सामने कानपुर रोड पर जाम लगा दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस प्रयास करती तो शिवशंकर की जान बच सकती थी। आरोप है कि पुलिस ने वारदात स्थल पर डॉग स्क्वॉयड तक नहीं बुलाया।
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12 साल पहले पत्नी ने की थी खुदकुशी
पुलिस के मुताबिक, शिवशंकर ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी सविता ने 2010 में खुदकुशी कर ली थी। उससे एक बेटी शिक्षा है जो अपने ताऊ रमाकांत मिश्रा के साथ पश्चिम बंगाल में रहती है। रमाकांत बीएसएफ में मुख्य आरक्षी हैं। वह बीएसएफ के इंटेलिजेंस की शाखा में तैनात हैं। वहीं, दूसरी शादी शशि से की। उससे एक छह साल का बेटा शौर्यांश है। शिवशंकर का भांजा नीरज द्विवेदी कमिश्नरेट के हुसैनगंज थाने में दरोगा है। नीरज के मुताबिक, उसकी मामी शशि ने कई बार थाने में गुहार लगाई पर कार्रवाई नहीं हुई। परिवारीजनों के मुताबिक, शिवशंकर प्रॉपर्टी का काम करते थे। लॉकडाउन में उनका कारोबार प्रभावित हो गया। इसी दौरान पैरालिसिस का अटैक भी पड़ गया।
भाई ने दर्ज कराया केस, पत्नी पर जताया संदेह
शिवशंकर मिश्रा की हत्या के मामले में उनके भाई रमाकांत मिश्रा ने रविवार दोपहर को तहरीर दी जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। रमाकांत मिश्रा ने शिवशंकर मिश्रा की पत्नी शशि पर हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस जांच कर रही है। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया कि शिवशंकर की गले की नस रेतकर काटी गई थी। करीब डेढ़ सेंटीमीटर गहरी चोट है। वहीं उसके सिर पर भारी सामान से वार किया गया। सिर की हड्डियां टूटी हैं। दोनों हाथों में 12 घाव हैं। दाहिने में सात और बाएं में पांच धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है।