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राज्य सरकार ने कहा कि नहीं होगी मुनव्वर राना के बेटे तबरेज की गिरफ्तारी
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लखनऊ। शायर मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना की याचिका को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार के वकील के यह कहने पर निस्तारित कर दिया कि जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत पुलिस उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई नहीं करेगी। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति सरोज यादव की खंडपीठ ने यह आदेश तबरेज राना की याचिका पर दिया। याची ने जानलेवा हमले के मामले में प्राथमिकी को चुनौती देकर गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की गुजारिश की थी।
सरकारी वकील शिवनाथ तिलहरी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत याची को गिरफ्तार करने नहीं जा रही है। साथ ही इस केस की तफ्तीश के दौरान जो अन्य समुचित अपराध प्रकाश में आएंगे, उनमें कार्रवाई होगी। मालूम हो कि तबरेज राना पर 28 जून को रायबरेली में त्रिपुला पेट्रोल पंप के पास जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि तबरेज ने ही अपने चार चाचा और चचेरे भाई को फंसाने के लिए खुद पर हमले की साजिश रची थी। तबरेज का कहना था कि उसकी गिरफ्तारी के लिए रायबरेली पुलिस और क्त्रसइम ब्रांच लगातार दबिश दे रही थी। जिसके खिलाफ तबरेज ने याचिका दायर कर कहा कि जब हमले के वक्त वह कार के भीतर था तो उसे धारा 307 के तहत मुलजिम कैसे बनाया जा सकता है।
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सरकारी वकील शिवनाथ तिलहरी ने कोर्ट को बताया कि पुलिस इस मामले में जानलेवा हमले की धारा 307 के तहत याची को गिरफ्तार करने नहीं जा रही है। साथ ही इस केस की तफ्तीश के दौरान जो अन्य समुचित अपराध प्रकाश में आएंगे, उनमें कार्रवाई होगी। मालूम हो कि तबरेज राना पर 28 जून को रायबरेली में त्रिपुला पेट्रोल पंप के पास जानलेवा हमला हुआ था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि तबरेज ने ही अपने चार चाचा और चचेरे भाई को फंसाने के लिए खुद पर हमले की साजिश रची थी। तबरेज का कहना था कि उसकी गिरफ्तारी के लिए रायबरेली पुलिस और क्त्रसइम ब्रांच लगातार दबिश दे रही थी। जिसके खिलाफ तबरेज ने याचिका दायर कर कहा कि जब हमले के वक्त वह कार के भीतर था तो उसे धारा 307 के तहत मुलजिम कैसे बनाया जा सकता है।
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