छोटे दलों से गठबंधन कर चुनाव में उतरेंगे मुलायम
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बेटे अखिलेश से राजनीतिक चुनौती का सामना कर रहे मुलायम सिंह यादव करीबी नेताओं के छोड़ जाने के बावजूद हार मानने को तैयार नहीं हैं। सुलह न हुई तो वे पूरे दमखम से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।
उन्होंने प्रत्याशियों की नई सूची की तैयारी के निर्देश दिए हैं। इसमें खेमा बदलने वाले नेताओं पर कैंची चलेगी। इसके साथ ही मुलायम कई छोटे दलों को अपने साथ जोड़ सकते हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर इस समय मुलायम सिंह और अखिलेश यादव आमने-सामने हैं। मुलायम के अधिकतर नजदीकी अखिलेश के साथ चले गए हैं।
मुलायम ने जिन्हें विधायक, मंत्री बनाया, वे संकट के दौर में उनसे मिलने तक नहीं आए। मुलायम की कृपा की वजह से सपा सरकार में जगह बनाने वालों ने भी उनसे मुंह फेर लिया है।
जल्द ही जारी होगी उम्मीदवारों की नई सूची
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मुलायम ने कहा है कि जल्द ही उम्मीदवारों की नई सूची बनाई जाए। हर सीट पर पार्टी के कई ऐसे नेता हैं, जिनमें विधायक बनने की काबिलियत है लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया जाए।
मंत्री को प्रत्याशी बनाया जाए, यह जरूरी नहीं है। उनके निर्देश के अनुरूप प्रत्याशियों की तलाश शुरू हो गई है। समझौता नहीं हुआ तो नौ जनवरी के बाद उनके उम्मीदवारों की नई लिस्ट आ सकती है।
घोषणा पत्र होगा लुभावना
अखिलेश यादव ने पार्टी के घोषणा पत्र को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। युवाओं समेत समाज के हर वर्ग को इसमें जगह दी जाएगी। अलग चुनाव लड़ने की स्थिति में मुलायम भी घोषणा पत्र तैयार कराएंगे। इसमें लुभावनी योजनाएं शामिल की जाएंगी। इसके लिए उन्होंने शिवपाल यादव को निर्देश दिया है।