मुलायम सिंह की तबियत बेहतर, तीन दिन करेंगे आराम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले कई दिनों से खराब चल रही तबीयत के बाद मुलायम सिंह यादव को अब
मुलायम सिंह यादव की तबियत को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि गुडगांव के मेदांता अस्पताल में डॉ. नरेश त्रेहान की देख-रेख में उनका परीक्षण किया जा रहा है। डॉक्टरों ने नेताजी को तीन दिन आराम करने की सलाह दी है। उन्होंने ये भी बताया कि नेताजी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।
इससे पहले लखनऊ पीजीआई में मुलायम सिंह यादव का स्वाइन फ्लू टेस्ट भी कराया गया था। शुक्रवार शाम को आई स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
बताते चलें कि सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव सर्दी-जुकाम के साथ-साथ फेफड़ों के संक्रमण की चपेट में हैं। स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था।
बुधवार रात से बृहस्पिवार तक भर में उन्हें दो बार संजय गांधी पीजीआई में भर्ती किया गया। बृहस्पतिवार को उन्हें कई अन्य जांचों के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्हें घर पर आराम करने की सलाह दी गई है।
बुधवार रात करीब 10 बजे सपा मुखिया को संजय गांधी पीजीआई में भर्ती कराया गया था। निदेशक प्रो. राकेश कपूर ने उन्हें यूरोलॉजी विभाग के प्राइवेट वार्ड में भर्ती किया। पहले आशंका जताई गई कि उनके यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन के कारण भर्ती किया गया है।
एसजीपीजीआई के सूत्रों के मुताबिक बुधवार रात दो बजे के बाद उन्हें वापस घर जाने की अनुमति दी गई थी। बृहस्पतिवार को फिर दिक्कत बढ़ने के कारण दोपहर करीब 12 बजे उन्हें दोबारा एसजीपीजीआई के यूरोलॉजी विभाग के प्राइवेट वार्ड बी-6 में भर्ती कराना पड़ा।
घर के कार्यक्रमों के दौरान बिगड़ा था स्वास्थ्य
सांस लेने में दिक्कत के कारण पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. आलोक नाथ, सीटीवीएस के डॉ. एसके अग्रवाल ने उनकी जांच की। सूत्रों का कहना है कि स्वाइन फ्लू जांच के लिए उनके गले के स्राव को जांच के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में भेजा गया है। ब्लड कल्चर सहित कई अन्य जांचें कराई जा रही हैं।
प्रो.राकेश कपूर ने बताया कि घर में वैवाहिक कार्यक्रमों के दौरान मुलायम सिंह का स्वास्थ्य बिगड़ा था।
उस दौरान उन्होंने दवाएं ली थीं लेकिन बुधवार को यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन और सांस लेने में दिक्कत के कारण उन्हें एसजीपीजीआई लाया गया था।