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अखिलेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से मुलायम हैरान, बोले- सपा मेरी पार्टी

Sun, 01 Jan 2017 11:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 01 Jan 2017 11:05 PM IST
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mulayam singh yadav on national conference decision.
मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala

सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने सहित कई फैसले लिए जाने पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने हैरानी जताई है। उन्होंने पांच विक्रमादित्य मार्ग स्थित अपने आवास पर कहा कि समाजवादी पार्टी मेरी है, इसे मैंने बनाया है। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए चौंकाने वाला है कि अखिलेश व रामगोपाल ने इतने बड़े फैसले किए। 

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राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया, जबकि मुलायम पार्टी के संरक्षक बने रहेंगे। शिवपाल सिंह यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। वहीं‌, अमर सिंह को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। इसके पहले शिवपाल सिंह यादव अपने बेटे आदित्य के साथ मुलायम के आवास पर पहुंचे थे।

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सपा का अधिवेशन असंवैधानिक, शामिल होने वालों पर कार्रवाई: मुलायम

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मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
इससे पहले समाजवादी पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को असंवैधानिक करार करार देते हुए एक चिट्ठी जारी की। चिट्ठी में अधिवेशन में शामिल होने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।

क्या लिखा है चिट्ठी में?

ये चिट्ठी जनेश्वर मिश्र पार्क में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद सपा मुखिया ने जारी की थी। चिट्ठी में कहा गया कि आज रामगोपाल यादव द्वारा तथाकथित अधिवेशन बुलाया गया है, यह पार्टी के संविधान और अनुशासन के विरुद्ध है। यह पार्टी को क्षति पहुंचाने के लिये बुलाया गया है। रामगोपाल यादव इस तरह की बैठक बुलाए जाने के लिए अधिकृत नहीं हैं। सम्मेलन में शिरकत को अनुशासनहीनता माना जाएगा और सम्मेलन में जो भी जाएगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि देखा गया कि मुलायम की चेतावनी के बावजूद राष्ट्रीय अधिवेशन भारी संख्‍या में कार्यकर्ता पहुंचे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष मान लिया। साथ ही पार्टी के उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवपाल यादव को पद से हटा दिया और पार्टी महासचिव अमर सिंह को भी पार्टी ने निकालने का प्रस्ताव पास कर दिया।

 

आखिर क्या था अधिवेशन का एजेंडा?

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अधिवेशन में मौजूद नरेश अग्रवाल, रामगोपाल व मुख्यमंत्री अखिलेश - फोटो : amar ujala
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा था कि यह सम्मेलन सपा में असंवैधानिक फैसलों पर रोक लगाने और पार्टी व संगठन को सही दिशा देने के लिए किया जाएगा।

इसमें मुलायम सिंह के कुछ फैसलों को बदलने और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में शिवपाल के कई निर्णयों को खारिज करने की बात थी। वहीं, सपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने कहा था कि सपा कार्यकर्ता सीएम अखिलेश यादव की अगुवाई में चुनाव चाहते हैं। सम्मेलन में अखिलेश के नाम पर मुहर लग जाएगी। संगठन में कुछ और भी फेरबदल हो सकते हैं। 
 
प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया पर सवालिया निशान
सम्मेलन में सपा के प्रत्याशी चुनने की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगाने का एजेंडा भी शामिल था। इसके लिए संसदीय बोर्ड से मंजूरी लिए बिना मनमाने तरीके से लोगों को टिकट दिए जाने का मुद्दा शामिल है। बहुत संभव है कि एक प्रस्ताव पारित कर संसदीय बोर्ड का गठन किया जाए और प्रत्याशी चयन को खारिज कर दिया जाए।
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